आवासीय क्षेत्र,अस्पताल और मंदिर के बीच शराब दुकान खोलने का विरोध तेज

क्षेत्रवासियों ने कलेक्टर को सौंपा सामूहिक ज्ञापन,तत्काल रोक लगाने की मांग


Junaid Khan - शहडोल। जिले के वार्ड क्रमांक 8 के रहवासी इन दिनों गहरे आक्रोश और चिंता में हैं। घनी आबादी वाले क्षेत्र, जहां एक ओर अस्पताल,विद्यालय-महाविद्यालय मार्ग और मंदिर स्थित हैं, वहीं प्रस्तावित कम्पोजिट शराब दुकान खोले जाने की तैयारी ने पूरे इलाके में असंतोष का माहौल पैदा कर दिया है। इस मामले को लेकर क्षेत्रवासियों ने जिला कलेक्टर को सामूहिक ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की है। मुख्य मार्ग पर प्रस्तावित दुकान, छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि प्रस्तावित स्थल मुख्य मार्ग पर स्थित है,जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, विशेष रूप से स्कूल और कॉलेज जाने वाली लड़कियां आवाजाही करती हैं। आसपास कई शिक्षण संस्थान स्थित हैं, जिससे यह मार्ग छात्राओं, महिलाओं और आम नागरिकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बन जाता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि यहां शराब दुकान खुलती है तो असामाजिक तत्वों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार और विवाद जैसी घटनाओं की आशंका भी जताई गई है। अस्पताल के पास दुकान, मरीजों की शांति होगी भंग। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रस्तावित स्थान के ठीक समीप बच्चों का अस्पताल स्थित है, जहां नवजात शिशुओं, छोटे बच्चों और गंभीर मरीजों का उपचार किया जाता है। ऐसे संवेदनशील स्थान के पास शराब दुकान खोलना न केवल अनुचित बल्कि अमानवीय कदम बताया गया है।

क्षेत्रवासियों ने कहा कि शराब दुकान से उत्पन्न शोर-शराबा, विवाद और अव्यवस्था सीधे तौर पर अस्पताल की गरिमा और मरीजों के उपचार को प्रभावित करेगी। मंदिर की आस्था पर भी आघात। प्रस्तावित स्थल के ठीक बगल में एक प्राचीन मंदिर भी स्थित है, जहां प्रतिदिन पूजा-पाठ, आरती और धार्मिक अनुष्ठान होते हैं। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे बड़ी संख्या में मंदिर आते हैं। ऐसे में मंदिर के पास शराब दुकान खोलना धार्मिक भावनाओं का सीधा अपमान बताया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि मंदिर केवल एक भवन नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की आस्था और सांस्कृतिक मूल्यों का केंद्र है, जहां निरंतर श्रद्धालुओं का आवागमन रहता है। कानून-व्यवस्था और सामाजिक माहौल बिगड़ने की आशंका

क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि शराब दुकान खुलने से रात के समय अशांति, झगड़े, विवाद और सड़क पर अव्यवस्था बढ़ेगी। इससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होगी और सामाजिक ताना-बाना भी कमजोर पड़ेगा। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि यह पूरा क्षेत्र घनी आबादी वाला आवासीय क्षेत्र है, जहां परिवार, महिलाएं और बुजुर्ग शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत करते हैं। ऐसे में शराब दुकान खोलना क्षेत्र की नैतिक और सामाजिक व्यवस्था को दूषित करेगा। प्रशासन को चेतावनी नहीं मानी मांग तो होगा आंदोलन। क्षेत्रवासियों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रस्तावित कम्पोजिट शराब दुकान पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से उग्र आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और महिला संगठनों के साथ विरोध करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन में प्रमुख मांगें। प्रस्तावित शराब दुकान की अनुमति तत्काल निरस्त की जाए। अस्पताल, विद्यालय और मंदिर के आसपास शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगे क्षेत्र की सुरक्षा और शांति बनाए रखने हेतु प्रशासन ठोस कदम उठाए। ज्ञापन विवरण दिनांक: 28.04.2026 स्थान: वार्ड नंबर 8, तहसील व थाना शहडोल

प्रेषक: समस्त क्षेत्रवासी

संलग्न: क्षेत्रवासियों के हस्ताक्षर

अस्पताल, मंदिर एवं विद्यालय मार्ग के फोटो सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लेख (शराब दुकान दूरी नियम) ज्ञापन की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक और संभागायुक्त को भी भेजी गई है। स्थानीय लोगों की आवाज हम अपने बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे। प्रशासन को जनभावनाओं का सम्मान करना चाहिए। एक स्थानीय निवासी निष्कर्ष यह मामला अब सिर्फ एक शराब दुकान का नहीं, बल्कि सामाजिक व्यवस्था, सुरक्षा और धार्मिक आस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुका है। अब देखना होगा कि प्रशासन जनता की मांग को कितनी गंभीरता से लेते हुए क्या निर्णय करता है।

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