बहुजन गोंडवाना पार्टी ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, माफियाओं पर संरक्षण के आरोप,सरकारी संपत्ति की चोरी और जनजीवन पर खतरे की बात उठाई
Junaid Khan - शहडोल। जिले के बुढ़ार क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध कोयला एवं रेत खनन को लेकर अब सियासत तेज हो गई है। बहुजन गोंडवाना पार्टी ने इस गंभीर मुद्दे पर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासनिक निष्क्रियता पर सवाल खड़े किए हैं। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि क्षेत्र में वर्षों से अवैध खनन जारी है, जिससे हर दिन करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्ति की चोरी हो रही है। ज्ञापन के अनुसार, कोल माफियाओं द्वारा यह पूरा खेल खुलेआम संचालित किया जा रहा है, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण इनके हौसले बुलंद हैं। आरोप लगाया गया है कि माफियाओं को कहीं न कहीं संरक्षण मिल रहा है, जिससे वे बेखौफ होकर अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। इससे आमजन में भय का माहौल भी बन रहा है। मामले की गंभीरता इस बात से भी समझी जा सकती है कि अवैध खदानों में हादसे हो चुके हैं, जिनमें मजदूरों की जान तक चली गई। इसके बावजूद जिम्मेदार तंत्र द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए गए। वहीं, रेत खनन के कारण नदियों से लगातार 24 घंटे रेत का अवैध उत्खनन जारी है, जिससे पर्यावरण और जल स्तर पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। खेती-किसानी पर इसका सीधा प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है। मुख्य मांगें: ज्ञापन में पार्टी ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध खदानों को तत्काल बंद कराया जाए और माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी संपत्ति की भरपाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, रेत खनन पर रोक लगाकर पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की भी बात कही गई है। पार्टी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होती है, तो संगठन धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन के साथ गूगल अर्थ के सैटेलाइट चित्र भी संलग्न किए गए हैं, जिससे अवैध खनन की स्थिति को प्रमाणित किया जा सके। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर जिले में अवैध खनन और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या वाकई जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई होती है या नहीं।

