प्रसूता की जान बचाने आगे आया रक्तवीर,रक्तदान महादान’ की मिसाल बनी मानवता
Junaid Khan - शहडोल। 03 मई 2026 जिले में मानवता और सेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है, जहां एक प्रसूता महिला की गंभीर स्थिति में समय पर रक्तदान कर उसकी जान बचाने का सराहनीय प्रयास किया गया। मामला जिला अस्पताल शहडोल का है, जहां व्योहारी क्षेत्र के एक गांव से प्रसव पीड़ा में लाई गई महिला सुमित्रा यादव को अत्यंत गंभीर अवस्था में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के अनुसार, प्रसूता के शरीर में महज 5 ग्राम हीमोग्लोबिन बचा था, जिससे उसकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई थी। तत्काल रक्त की आवश्यकता थी, लेकिन परिजनों के पास कोई विकल्प नहीं था। ऐसे में सूचना मिलते ही श्री राम रक्तदान समिति के सक्रिय सदस्य आगे आए और बिना समय गंवाए रक्तदान कर मरीज की जान बचाने का प्रयास किया। इस दौरान समिति के रक्तवीर सुनील रजक (गोलू) ने निस्वार्थ भाव से रक्तदान किया, जिससे प्रसूता को समय पर रक्त उपलब्ध हो सका और उसकी हालत में सुधार की उम्मीद जगी। इस मानवीय कार्य की अस्पताल परिसर सहित पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।
समिति के सदस्यों ने बताया कि उनका उद्देश्य जरूरतमंदों तक समय पर रक्त पहुंचाना है, ताकि किसी की जान सिर्फ खून की कमी के कारण न जाए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भी आगे आकर रक्तदान करें और समाज में जीवन बचाने की इस मुहिम का हिस्सा बनें। रक्तदान महादान है, इसे करके देखिए सच में अच्छा लगता है। यह संदेश एक बार फिर इस घटना के जरिए जीवंत हो उठा है। उल्लेखनीय है कि समय पर मिला रक्त कई बार जीवन और मृत्यु के बीच की दूरी को खत्म कर देता है। ऐसे में समाज के जागरूक नागरिकों की भागीदारी ही इस नेक कार्य को मजबूत बना सकती है।
