हमें जीतना है या सीखना है,मेधा, संस्कार और संकल्प का दिव्य उत्सव, प्रेरणा की अविरल धारा बना धनपुरी का सम्मान समारोह

हमें जीतना है या सीखना है,मेधा, संस्कार और संकल्प का दिव्य उत्सव, प्रेरणा की अविरल धारा बना धनपुरी का सम्मान समारोह



Junaid Khan - शहडोल। धनपुरी कोयलांचल की पावन और सांस्कृतिक चेतना से ओतप्रोत भूमि उस क्षण अद्भुत गौरव, उल्लास और आत्मिक ऊर्जा से आलोकित हो उठी, जब नवभारत जबलपुर की प्रेरणादायी पहल पर धनपुरी के इंडोर स्टेडियम में मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान में एक भव्य,गरिमामय और अविस्मरणीय समारोह का आयोजन संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक सम्मान समारोह नहीं था, बल्कि प्रतिभा, परिश्रम, संस्कार और सामाजिक चेतना का ऐसा समागम था, जिसने उपस्थित जनसमूह के अंतर्मन को स्पर्श करते हुए समाज के लिए एक सशक्त और सकारात्मक संदेश प्रसारित किया। इस भव्य आयोजन की परिकल्पना और क्रियान्वयन के पीछे नवभारत कोयलांचल क्षेत्र प्रभारी प्रदीप शर्मा की दूरदर्शी सोच, संवेदनशील दृष्टिकोण और शिक्षा के प्रति समर्पित भाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ। उन्होंने जिस उद्देश्य के साथ इस आयोजन को साकार किया वह केवल प्रतिभाओं का सम्मान नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान देना, समाज में शिक्षा के महत्व को प्रतिष्ठित करना और नई पीढ़ी को अपने लक्ष्य के प्रति सजग करना था। उनका यह प्रयास निस्संदेह एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर सामने आया है, जो आने वाले समय में समाज के अन्य वर्गों को भी प्रेरित करेगा। इस अवसर पर मंच पर विराजमान विभूतिया उस पल की साक्षी बने, मंचासीन विभूतियों के अलौकिक और ऊर्जावान सानिध्य से पूरा माहौल गरिमामई हुआ, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जयसिंहनगर क्षेत्र की लोकप्रिय विधायक श्रीमती मनीषा सिंह, कार्यक्रम की अध्यक्षता जैतपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक जयसिंह मरावी,कार्यक्रम मे सारस्वत अतिथि माननीय जिला न्यायाधीश हिदायतउल्ला खान साहब देपालपुर (इंदौर), विशिष्ट अतिथि नगर परिषद बुढार अध्यक्ष श्रीमती शालिनी सरवगी, वरिष्ठ पत्रकार सनत शर्मा जी,मुकेश तिवारी जी पूर्व कुलपति शम्भु नाथ जी, श्रीकांत गीतानुरागी महराज कटकोना ,डॉक्टर राजेश पांडे, श्रीमति अनपा खान जिला परिवहन अधिकारी , पूर्व मुख्य नगर पालिका अधिकारी सुनील जी, एम. ए. सिद्दीकी वर्कशॉप मैनेजर सोहागपुर छेत्र, कौशलेश पांडे सर्कुलेशन हेड नव भारत जबलपुर, डॉ शशि शंकर सुहाने, पार्षद आनंद कचेर, श्रीमती सुकृति सिंह पार्षद, गुड्डू दहिया, प्रवीण बाड़ोलिया पार्षद, स्कन्द सोनी पार्षद, पूर्व नगर पालिका अधिकारी रविकरण त्रिपाठी मंचसीन रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ ज्ञान की देवी मां सरस्वती के दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। यह दृश्य मानो अज्ञान के तमस से ज्ञान के प्रकाश की ओर बढ़ने की एक सजीव अभिव्यक्ति था। मंच पर विराजमान अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को दिव्यता और गरिमा से परिपूर्ण कर दिया। इसके पश्चात अतिथियों का सम्मान पुष्प गुच्छ व फूलमाला के साथ हुआ,

आज का युग प्रतिस्पर्धा का-मनीषा

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जयसिंहनगर विधायक श्रीमती मनीषा सिंह ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि आज का युग प्रतिस्पर्धा का है, किंतु उससे कहीं अधिक यह प्रतिभा के उन्मेष का युग है। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि जब बच्चों की सफलता का सम्मान उनके माता-पिता की उपस्थिति में होता है, तब वह क्षण केवल उपलब्धि का नहीं, बल्कि संस्कारों और सपनों के साकार होने का उत्सव बन जाता है।

या तो हम जीतते हैं या सीखते है- शालिनी

नगर पंचायत बुढार की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी सरावगी ने अपने उद्बोधन में जीवन का अत्यंत गूढ़, किंतु सरल सत्य प्रस्तुत करते हुए कहा“या तो हम जीतते हैं, या फिर सीखते हैं।” उनके इन शब्दों ने विद्यार्थियों के मन में नई ऊर्जा, सकारात्मकता और आत्मबल का संचार किया। उन्होंने असफलता को जीवन की पराजय नहीं, बल्कि सफलता की ओर अग्रसर होने का प्रथम सोपान बताया। शिक्षा को उन्होंने जीवन का वह प्रकाश कहा, जो मनुष्य को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर उजाले और आत्मबोध की दिशा में अग्रसर करता है।

माता-पिता एवं गुरुजनों का मार्गदर्शन तथा आशीर्वाद ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति-हिदायत

कार्यक्रम के सारस्वत अतिथि, माननीय जिला न्यायाधीश श्री हिदायत उल्ला खान ने अपने गरिमामयी और ओजस्वी उद्बोधन से कार्यक्रम को एक विशिष्ट ऊँचाई प्रदान की। उनकी वाणी में गहराई, संवेदनशीलता और अनुभव का अद्भुत समन्वय था। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय अवसरों से परिपूर्ण है, किन्तु सफलता उन्हीं को प्राप्त होती है, जो अपने लक्ष्य को स्पष्ट कर, अनुशासन और निरंतर परिश्रम के साथ उस दिशा में अग्रसर होते हैं। उन्होंने जीवन मूल्यों पर विशेष बल देते हुए कहा कि यह जीवन ईश्वर का अनुपम उपहार है और माता-पिता एवं गुरुजनों का मार्गदर्शन तथा आशीर्वाद ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। यदि आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर अभ्यास जीवन का हिस्सा बन जाए, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता। उनके शब्दों ने विद्यार्थियों के मन में दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास की नई ज्योति प्रज्वलित कर दी। कार्यक्रम का सबसे भावपूर्ण और आत्मीय क्षण वह था, जब माननीय न्यायाधीश श्री खान ने अपनी विशिष्ट शैली में ईश्वर स्तुति का सुमधुर गान प्रस्तुत किया। उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति ने पूरे सभागार को आध्यात्मिक ऊर्जा और भावविभोरता से सराबोर कर दिया। हे ईश्वर मालिक हे दाता,हे जगत नियंता दीनबंधु,हे परमेश्वर प्रभु हे भगवन,हे प्रतिपालक हे दया सिन्धु,सभ्यता यशस्वी हो जाए, मानवता का फैले प्रकाश,सब दिव्य दृष्टि के पोषक हों, कर दो कुदृष्टि का सर्वनाश,इन पंक्तियों ने केवल वातावरण को ही नहीं, बल्कि हर श्रोता के अंतर्मन को भी स्पंदित कर दिया। यह प्रस्तुति शिक्षा, संस्कार, राष्ट्रप्रेम और मानवीय मूल्यों का अद्वितीय संगम थी, जिसने कार्यक्रम को एक आध्यात्मिक ऊँचाई प्रदान की।

ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक चेतना का संचार करते हैं-मरावी 

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जैतपुर विधायक श्री जय सिंह मरावी ने विद्यार्थियों को राष्ट्र का भविष्य बताते हुए कहा कि यही प्रतिभाएँ आने वाले समय में देश की प्रगति की धुरी बनेंगी। उन्होंने अभिभावकों के समर्पण और आयोजकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक चेतना का संचार करते हैं और युवाओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने का अवसर प्रदान करते हैं। इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के सैकड़ों मेधावी छात्र-छात्राओं को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इन विद्यार्थियों की उपलब्धियाँ केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा और गौरव का प्रतीक हैं। कार्यक्रम के मंच संचालन की बात करें, तो धनपुरी की शान, शब्दों के सशक्त शिल्पी एवं कोल इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट अजय द्विवेदी ने अपनी ओजस्वी, प्रभावशाली और सजीव शैली से पूरे आयोजन में प्राण फूंक दिए। उनकी वाणी की मधुरता, शब्दों की सटीकता और प्रस्तुति की प्रभावशीलता ने कार्यक्रम को निरंतर ऊर्जावान बनाए रखा। वे केवल मंच संचालक नहीं, बल्कि कार्यक्रम की आत्मा बनकर उपस्थित रहे, जिन्होंने हर क्षण को जीवंत और स्मरणीय बना दिया। अंत में कार्यक्रम के संयोजक प्रदीप शर्मा ‘भोलू’ ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और उपस्थित जनसमूह के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका यह प्रयास केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता, शिक्षा के प्रति उनका समर्पण और भविष्य की पीढ़ी के प्रति उनका स्नेहपूर्ण दायित्व है।

Previous Post Next Post