झुलापुल-कमिश्नर बंगला मार्ग' बना दलदल, नगर पालिका की लापरवाही से जनता बेहाल
अधूरा निर्माण कार्य और टूटी पाइपलाइन ने बढ़ाई आफत,गायत्री मंदिर के पास भारी जलभराव से राहगीर हो रहे चोटिल,मानसून से पहले काम पूरा करने की मांग
Junaid Khan - शहडोल। नगर के सबसे व्यस्ततम और महत्वपूर्ण मार्गों में शुमार 'झुलापुल से कमिश्नर बंगला मार्ग' इन दिनों स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका की घोर संवेदनहीनता का जीवंत प्रमाण बन चुका है। विकास और सड़क चौड़ीकरण के ऊंचे-ऊंचे दावों के बीच करीब एक माह पूर्व शुरू किया गया निर्माण कार्य आज आम जनता के लिए जी का जंजाल बन गया है। निर्माण एजेंसी द्वारा कछुआ गति से काम करने और फिर उसे बीच में ही अधूरा छोड़ दिए जाने के कारण इस पूरे मार्ग की स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। रही-सही कसर बीते दिनों हुई अचानक तेज बारिश ने पूरी कर दी, जिससे गायत्री मंदिर के समीपवर्ती इलाके में भारी जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है। हालात इस कदर बदहाल हैं कि पूरा का पूरा मार्ग अब एक खतरनाक कीचड़ और गहरे दलदल के साम्राज्य में तब्दील हो चुका है, जहां से गुजरना अपनी जान को जोखिम में डालने के बराबर है।
लापरवाही की हद,पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद भी सोता रहा पीएचई और नपा प्रशासन
इस पूरे मामले में संबंधित विभागों की आपसी समन्वयहीनता और लापरवाही का सबसे शर्मनाक पहलू तब सामने आया, जब सड़क खुदाई के दौरान पेयजल आपूर्ति की मुख्य पाइपलाइन को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। पाइपलाइन से लगातार हो रहे पानी के रिसाव (लीकेज) के कारण सड़क पर पहले से ही तालाब जैसी स्थिति बनी हुई थी, और ऊपर से हुई बारिश के पानी ने मिलकर पूरे क्षेत्र को जलमग्न कर दिया। स्थानीय निवासियों का सीधा आरोप है कि पिछले १५ दिनों से निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। ठेकेदार और जिम्मेदार इंजीनियरों ने सड़क को बेतरतीब ढंग से खोद तो दिया, लेकिन न तो उसका समतलीकरण (लेवलिंग) कराया गया और न ही जल निकासी (ड्रेनेज) की कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई। विभागों की इस घोर सुस्ती का खामियाजा आज शहर की निर्दोष जनता भुगतने को मजबूर है।
सैकड़ों राहगीरों और स्कूली बच्चों का सफर हुआ दूभर, रोज हो रहे हादसे
रोजाना दफ्तर, कॉलेज और स्कूल जाने वाले सैकड़ों लोग तथा छात्र-छात्राएं इसी मार्ग का उपयोग करते हैं, लेकिन अब स्थिति यह है कि लोग आधी दूरी पैदल तय करने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासी राकेश शुक्ला, अभिषेक सिंह एवं विनोद सिंह सहित क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि सड़क पर बने इस जानलेवा दलदल के कारण दोपहिया वाहन चालक लगातार फिसलकर गंभीर रूप से चोटिल हो रहे हैं। कई वाहन चालक अपना संतुलन खोकर गिर चुके हैं, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। गौरतलब है कि बीते साल भी इसी लापरवाही के चलते कई लोग दुर्घटना का शिकार हुए थे, लेकिन प्रशासन ने उस कड़वे अनुभव से कोई सबक नहीं लिया। पैदल चलने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए तो अब इस मार्ग पर एक कदम भी आगे बढ़ाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं रह गया है।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी का दावा,मानसून से पहले हर हाल में पूरा होगा कार्य
नागरिकों द्वारा बार-बार दी जा रही चेतावनियों और बढ़ती जन-आक्रोश को देखते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) निशांत सिंह ठाकुर ने मामले को संज्ञान में लिया है। उन्होंने जनहित को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि संबंधित ठेकेदार को अत्यंत कड़े और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वह आगामी मानसून और भारी बरसात की शुरुआत होने से ठीक पहले हर हाल में रोड का निर्माण कार्य और पाइपलाइन की मरम्मत पूरी तरह सुनिश्चित करे, ताकि आम जनमानस को और अधिक असुविधा का सामना न करना पड़े। बहरहाल, अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और नगर पालिका के ये निर्देश केवल कागजी दावों तक सीमित रहते हैं या फिर जमीनी धरातल पर झुलापुल मार्ग के निवासियों को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिलती है। क्षेत्र की जनता ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि वे स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप कर मानसून से पहले कार्य को युद्धस्तर पर पूरा करवाएं।
