विश्व रक्तदाता दिवस पर रक्तवीरों का सम्मान, मानवता और सेवा का संदेश
Junaid Khan - शहडोल। देपालपुर विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर तहसील विधिक सेवा समिति, देपालपुर के तत्वावधान में एक विशेष सम्मान एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज में निस्वार्थ भाव से रक्तदान कर जीवन बचाने वाले रक्तवीरों का सम्मान करते हुए रक्तदान के महत्व पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए तहसील विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश श्री हिदायत उल्ला खान ने कहा कि रक्तदान केवल एक चिकित्सकीय आवश्यकता नहीं है, बल्कि मानवता, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व का सर्वोच्च प्रतीक है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन प्रदान कर सकता है। रक्तदाता वह अनमोल व्यक्तित्व है जो बिना किसी स्वार्थ के किसी अजनबी के जीवन में आशा का दीप जलाता है। जिला न्यायाधीश श्री खान ने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है, इसलिए स्वैच्छिक रक्तदान ही जीवन रक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम है। समाज के प्रत्येक स्वस्थ नागरिक को नियमित रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए ताकि आवश्यकता पड़ने पर किसी भी मरीज को रक्त के अभाव में कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे रक्तदान को जन-आंदोलन बनाकर मानव सेवा के इस महायज्ञ में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। इस अवसर पर समिति द्वारा समाज में उत्कृष्ट रक्तदान सेवाएं प्रदान करने वाले रक्त मित्र दौलत नागर एडवोकेट, देपालपुर सर्विस हेल्प फाउंडेशन के अध्यक्ष मोइनुद्दीन, रक्त सेवा संघ गौतमपुरा के राहुल बैरागी एवं राहुल तंवर तथा अब तक 50 से अधिक बार रक्तदान कर चुके नितिन जैन (इंस्पेक्टर, सीजीएसटी) को मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मानित रक्तदाताओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम को अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष दिलीप डाबी, एडवोकेट योगेंद्र यादव तथा एडीपीओ विक्रम राव बेन ने भी संबोधित कर अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया। सभी वक्ताओं ने रक्तदाताओं को समाज का वास्तविक नायक बताते हुए कहा कि उनका यह योगदान अनेक परिवारों के लिए आशा और जीवन का संबल बनता है। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण जिला न्यायाधीश श्री हिदायत उल्ला खान द्वारा रक्तदान की महत्ता एवं रक्तदाताओं के सम्मान में प्रस्तुत की गई एक अत्यंत भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी ग़ज़ल रही। उनकी ओजस्वी प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया तथा रक्तदान के प्रति सकारात्मक जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता चेतन हार्डिया और आभार अधिवक्ता पवन जोशी ने किया। कार्यक्रम में सीनियर सिविल जज श्रीमती रिजवाना कौसर, दिव्या श्रीवास्तव, अधिवक्ता चिंतामन बाथम, सचिन बैरागी, युवराज धाकड़, प्रमोद तिवारी, चंद्रेश यादव, रिजवान मंसूरी, निलेश सोलंकी, जितेंद्र परिहार, जितेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण एवं न्यायालयीन स्टाफ उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में रक्तदाताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए अधिकाधिक लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करने और समाज में सेवा, संवेदना और मानवता की भावना को और अधिक सशक्त बनाए जाने का संकल्प लिया गया।

