एसपी संजय जायसवाल के निर्देश पर 10 दिवसीय विशेष चेकिंग अभियान; नियम तोड़ने वालों पर दर्ज होगी FIR
Junaid Khan - शहडोल। जिले की सड़कों पर अपनी निजी गाड़ियों पर रौब झाड़ने और नियम-कायदों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ शहडोल पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा और सख्त मोर्चा खोल दिया है। अपनी निजी गाड़ियों पर अनधिकृत रूप से ‘प्रेस’, ‘पुलिस’, ‘न्यायालय’, ‘भारत सरकार’ और ‘मध्यप्रदेश शासन’ जैसे शब्द लिखवाकर रौब गालने और कानून को ठेंगा दिखाने वालों के 'अच्छे दिन' अब समाप्त होने जा रहे हैं। शहडोल पुलिस अधीक्षक संजय जायसवाल के कुशल नेतृत्व और सख्त कार्यशैली का ही नतीजा है कि जिले में कानून-व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त करने और फर्जीवाड़े को जड़ से समाप्त करने के लिए 1 अगस्त से 10 अगस्त 2026 तक एक विशेष '10 दिवसीय महा-अभियान' का खाका तैयार किया गया है। एसपी संजय जायसवाल के इस जनहितैषी कदम से जहाँ एक ओर आम नागरिकों में कानून के प्रति विश्वास बढ़ा है, वहीं दूसरी ओर फर्जी स्टिकर और अवैध रौब झाड़ने वाले असमाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय शहडोल द्वारा जारी फरमान के बाद पूरे जिले के सभी थाना प्रभारियों और यातायात पुलिस की संयुक्त टीमों को मैदान में उतार दिया गया है। एसपी संजय जायसवाल की इस दूरदर्शी और पारदर्शी प्रशासनिक पहल की चौतरफा सराहना हो रही है, क्योंकि वर्षों से ‘प्रेस’ या शासकीय विभागों के नाम का ढाल बनाकर कई लोग अवैध गतिविधियों और यातायात नियमों के उल्लंघन में लिप्त थे। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट और कड़े शब्दों में निर्देश जारी किए हैं कि महज गाड़ी के शीशे या नंबर प्लेट पर ‘प्रेस’ या शासकीय विभाग का नाम लिख लेने से किसी को कोई विशेषाधिकार या छूट नहीं मिल जाती। अभियान के दौरान हर एक वाहन के दस्तावेजों की सूक्ष्मता से वैधता जांच की जाएगी और फर्जीवाड़ा पाए जाने पर केवल चालान ही नहीं, बल्कि मोटरयान अधिनियम, 1988 के साथ-साथ धोखाधड़ी की सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत आपराधिक मामला (FIR) भी दर्ज किया जाएगा।
इस महा-अभियान के दौरान पुलिस की पैनी नजर केवल अनधिकृत शब्दों और मोनोग्राम पर ही नहीं, बल्कि गाड़ियों पर अवैध रूप से लगाई गई लाल-नीली फ्लैश लाइट, काली फिल्में (ब्लैक फिल्म) और नियम विरुद्ध बनी डिजाइनर नंबर प्लेटों पर भी होगी। सरकार के नियमों की धज्जियां उड़ाकर बिना उच्च सुरक्षा पंजीयन प्लेट (HSRP) के दौड़ने वाली गाड़ियों को तुरंत जब्त करने के आदेश दिए गए हैं। शहडोल पुलिस का यह कदम सिर्फ एक रूटीन चेकिंग नहीं, बल्कि जिले में वीआईपी संस्कृति के खात्मे और सड़क सुरक्षा के एक नए युग की शुरुआत है। पुलिस प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों और ट्रैफिक टीम की इस सक्रियता की सराहना पूरा शहर कर रहा है, क्योंकि इस तरह के कड़े अभियानों से ही आम जनता के मन में सुरक्षा का भाव मजबूत होता है और सड़कों पर अनुशासन कायम होता है।
पुलिस अधीक्षक संजय जायसवाल ने नागरिकों और वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई और जब्ती से बचने के लिए अपनी गाड़ियों से तुरंत सभी अनधिकृत स्टिकर, फ्लैश लाइट और नियम-विरुद्ध नंबर प्लेट हटा लें। पुलिस का साफ संदेश है कि कानून सबके लिए बराबर है। चाहे कोई भी हो, नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। “यातायात नियमों का पालन करें, सुरक्षित रहें। शहडोल पुलिस आपके साथ।” इस संदेश के साथ शहडोल पुलिस की यह मुहिम जिले में कानून का राज स्थापित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है।
