यम्मी स्पाइसी मामले में SP ऑफिस पहुंचे पीड़ित, सोहागपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल

दोषियों और लापरवाहों पर कार्रवाई की मांग 


Junaid Khan - शहडोल। जिला मुख्यालय और आसपास के इलाकों में बेखौफ बदमाशों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब आम नागरिकों की जान-माल पूरी तरह खतरे में नजर आ रही है। ताजा मामला सोहागपुर थाना क्षेत्र के एमी स्पाइसी होटल का है, जहां 26 जुलाई की रात खाना लेने गए एक युवक और उसके परिजनों के साथ बदमाशों ने सरेराह गुंडागर्दी की। जब इस घटना की सूचना पाकर कुछ दोस्त बीच-बचाव करने पहुंचे, तो घात लगाए बैठे 50 से 60 उपद्रवियों के झुंड ने लाठी, डंडे, रोड, बेल्ट और धारदार चाकू से लैस होकर उन पर कातिलाना हमला कर दिया। इस खूनी वारदात में कई युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार हेतु श्रीराम अस्पताल में भर्ती कराया गया। हैरत की बात यह है कि इस पूरी गुंडागर्दी और डकैती जैसी वारदात के बाद जब पीड़ित न्याय की गुहार लेकर सोहागपुर थाने पहुंचे, तो पुलिस का रवैया पूरी तरह ढुलमुल और संवेदनहीन नजर आया। शिकायतकर्ता वतन प्रताप सिंह (पिता महेंद्र सिंह चौहान, निवासी वार्ड नं. 18/23 बलपुरवा, शहडोल) द्वारा पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए आवेदन के अनुसार, 26 जुलाई 2026 की रात लगभग 10:48 बजे उनके मोबाइल पर दोस्त आकाश पाठक का फोन आया। आकाश ने घबराए स्वर में बताया कि एमी स्पाइसी होटल में कुछ लोग उसके और उसकी मां के साथ मारपीट व गाली-गलौज कर रहे हैं। सूचना मिलते ही वतन प्रताप अपने साथियों शिखर प्रताप सिंह, शेखर पांडेय और शुभम गुप्ता के साथ मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि आकाश, उसके माता-पिता, भाई और मामा राजेश पाठक को भीड़ घेरकर पीट रही थी। वतन व उसके दोस्तों ने जब बीच-बचाव कर विवाद शांत कराने का प्रयास किया, तो हमलावर पूरी तरह से आपे से बाहर हो गए और सीधे जान से मारने की नीयत से वतन और उसके साथियों पर टूट पड़े।

लाखों की डकैती,कार में तोड़फोड़ और सोने की चैन पार

पीड़ितों द्वारा एसपी को दी गई शिकायत में साफ उल्लेख है कि हमले के दौरान विकी खान, नियॉज खान, तनवीर खान, नावेद खान, गोलू खान, यासीन खान, मौसम, नदीम खान, रजनी खान, लाला खान, लल्लू खान, ऐजाज खान, अरवाज खान, पप्पू नफीस, मुराद खान (सभी निवासी सोहागपुर) अपने अन्य 50-60 अज्ञात साथियों के साथ मिलकर लगातार जानलेवा हमला करते रहे। अश्लील गालियां देते हुए बदमाशों ने वतन की कार का शीशा तोड़ दिया और गाड़ी में रखे 1 लाख 42 हजार रुपये नकद निकाल लिए। इतना ही नहीं, मारपीट के दौरान आरोपी विकी खान ने वतन के गले से 4 तोले की सोने की चैन और हाथ की महंगी घड़ी भी जबरन छीन ली। किसी तरह लहूलुहान हालत में पीड़ितों ने भागकर अपनी जान बचाई। वतन की पीठ, गले, सिर, कमर और दाहिनी आंख में गंभीर चोटें आई हैं, जिनकी श्रीराम अस्पताल में डॉक्टर द्वारा MLC (मेडिकल) भी की गई है।

थाना सोहागपुर की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में,उच्च अधिकारियों से न्याय की उम्मीद

इस पूरे मामले में सोहागपुर थाना पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ितों का आरोप है कि वारदात के तुरंत बाद जब वे लहूलुहान स्थिति में रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंचे, तो पुलिसकर्मियों ने आधी-अधूरी और कमजोर धाराओं में खानापूर्ति करने की कोशिश की। इसके बाद जब पीड़ित पूरी घटना और लूटपाट की जानकारी लेकर दोबारा मामला दर्ज कराने पहुंचे, तो थाने में मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों ने साफ तौर पर दोबारा रिपोर्ट लिखने से मना कर दिया और पीड़ितों को लौटा दिया। अपराधियों को संरक्षण देने और पीड़ितों को न्याय न देने का यह रवैया स्थानीय पुलिस प्रशासन की पोल खोलता है। अब पीड़ितों ने जिला पुलिस कप्तान (SP) शहडोल के समक्ष गुहार लगाकर मांग की है कि घटना में शामिल सभी मुख्य आरोपियों और 50-60 अज्ञात गुंडों पर डकैती व जानलेवा हमले की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज हो, साथ ही मामले को दबाने व शिकायत न दर्ज करने वाले सोहागपुर थाने के जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

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