डीजल चोरी की शिकायत पर FIR नहीं,शिकायतकर्ता ट्रक मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज

ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन का पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन 

संगठित डीजल चोरी नेटवर्क, सीसीटीवी फुटेज और धमकियों का लगाया आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग


Junaid Khan - शहडोल। संभाग के शहडोल,अनूपपुर और उमरिया क्षेत्र में ट्रकों से कथित डीजल चोरी के मामले को लेकर क्षेत्रीय ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजा सरावगी ने पुलिस अधीक्षक शहडोल को ज्ञापन सौंपकर गंभीर आरोप लगाए हैं। एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि 3 अगस्त 2026 को अमलाई थाना क्षेत्र में डीजल चोरी की शिकायत दिए जाने के बावजूद नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं की गई, जबकि दूसरी ओर शिकायतकर्ता अब्दुल शफीक के विरुद्ध झूठी एवं तथ्यहीन शिकायत कर पुलिस कार्रवाई का दबाव बनाने का प्रयास किया गया। एसोसिएशन के ज्ञापन के मुताबिक, ट्रक मालिक अब्दुल शफीक, निवासी विंध्य कॉलोनी नौरोजाबाद, जिला उमरिया द्वारा अपने कर्मचारियों एवं अन्य मोटर मालिकों के माध्यम से कथित डीजल चोरी की पड़ताल की जा रही थी। शिकायत में दावा किया गया है कि सरकार पेट्रोल पंप, बटुरा थाना अमलाई में डीजल चोरी की घटना पकड़े जाने के बाद 3 अगस्त को मुस्तकीम, मोहम्मद इरशाद उर्फ लाला एवं मोहम्मद इरशाद के विरुद्ध शिकायत प्रस्तुत की गई, लेकिन ज्ञापन दिए जाने तक FIR दर्ज नहीं की गई।

सीसीटीवी फुटेज को तत्काल सुरक्षित कराने की मांग

ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन ने दावा किया है कि डीजल चोरी की घटना से संबंधित महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज सरकार पेट्रोल पंप, बटुरा में उपलब्ध है। एसोसिएशन ने पुलिस अधीक्षक से फुटेज तत्काल सुरक्षित कराने की मांग की है, ताकि घटना में शामिल लोगों की पहचान और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। शिकायत में नामजद आरोपियों के अलावा सुनील रैदास और रजनीश बारी उर्फ सोनू की कथित संलिप्तता की भी जांच की मांग की गई है।

शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप

ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि डीजल चोरी के कथित रैकेट का खुलासा होने और सीसीटीवी सहित अन्य साक्ष्य सामने आने के बाद संबंधित लोगों ने शिकायतकर्ता एवं अन्य मोटर मालिकों पर दबाव बनाने की कोशिश की। एसोसिएशन के अनुसार, 7 अगस्त 2026 को इरशाद मोहम्मद निवासी राघोपुर, जिला उमरिया द्वारा शिकायतकर्ता अब्दुल शफीक के विरुद्ध थाना बुढ़ार में झूठी एवं तथ्यहीन शिकायत प्रस्तुत कराई गई। एसोसिएशन ने इसे डीजल चोरी के मामले को दबाने और मोटर मालिकों पर दबाव बनाने की कोशिश बताया है।

QR कोड भेजकर धन मांगने का भी आरोप 

ज्ञापन में राजकुमार चौधरी पर मोटर मालिकों को कथित रूप से परेशान करने तथा व्हाट्सऐप के माध्यम से QR कोड भेजकर धनराशि मांगने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। एसोसिएशन ने दावा किया है कि धनराशि की मांग पूरी नहीं होने के बाद शिकायतकर्ता के प्रति रंजिश रखी गई और उसके विरुद्ध शिकायत कराने का घटनाक्रम सामने आया।

वीडियो और धमकियों का भी उल्लेख 

ज्ञापन में 4 अगस्त को शिकायतकर्ता के व्हाट्सऐप पर एक वीडियो भेजे जाने का भी उल्लेख है, जिसमें वाहन क्रमांक CG-15-EG-8061 से कथित डीजल चोरी की घटना दिखाई देने का दावा किया गया है। इसके अलावा विकास द्विवेदी और सूरज यादव द्वारा सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप लगाते हुए ट्रक मालिकों एवं चालकों में भय का वातावरण होने की बात कही गई है। पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग। एसोसिएशन ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच, सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित कराने तथा डीजल चोरी के आरोपों की जांच कर दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। साथ ही शिकायतकर्ता के विरुद्ध की गई कथित झूठी शिकायत की भी जांच कराए जाने की मांग की गई है।

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