स्टेशन सुरक्षा के दावों के बीच जीआरपी व आरपीएफ की गैर-मौजूदगी पर उठे गंभीर सवाल
Junaid Khan - शहडोल। जिले के बुढ़ार रेलवे स्टेशन पर देर रात घटी एक घटना ने जहां एक ओर भारतीय नारी के साहस और 'झांसी की रानी' वाले रूप को उजागर किया है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय जीआरपी (GRP) और आरपीएफ (RPF) सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर ढिलाई को भी उजागर कर दिया है। ट्रेन के इंतजार में अकेली बैठी एक महिला पर जब एक आवारा मनचले ने अश्लील फब्तियां कसते हुए छेड़छाड़ करने का दुस्साहस किया, तो महिला ने घबराने के बजाय कड़ा सबक सिखाया। महिला ने न केवल मनचले का कॉलर पकड़ा, बल्कि थप्पड़, लात-घूसों और मोबाइल से उसकी जोरदार धुनाई कर दी। पिटाई से बदहवास हुआ आरोपी गिड़गिड़ाते हुए "मम्मी-मम्मी, छोड़ दो, गलती हो गई" कहकर रहम की भीख मांगने लगा और मौका मिलते ही जान बचाकर भाग निकला। वहां मौजूद किसी यात्री द्वारा बनाया गया यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आम जनता और नागरिक संगठन महिला के इस निडर कदम और आत्मरक्षा (सेल्फ डिफेंस) के साहस की जमकर सराहना कर रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था नदारद: जब स्टेशन पर हो रहा था ड्रामा, तब कहां थी जिम्मेदार पुलिस?
महिला की यह जांबाजी भले ही चर्चा में हो, लेकिन इस घटना ने रेलवे प्रशासन, जीआरपी और आरपीएफ की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। लाखों रुपये के बजट से संचालित होने वाली स्टेशन सुरक्षा व्यवस्था उस वक्त पूरी तरह नदारद नजर आई जब स्टेशन परिसर में यह हाई-वोल्टेज ड्रामा चल रहा था। सवाल यह उठता है कि यदि देर रात स्टेशन जैसे संवेदनशील सार्वजनिक स्थल पर कोई महिला असुरक्षित महसूस करती है या उसके साथ इस तरह का विवाद होता है, तो रेलवे पुलिस और गश्त देने वाले सुरक्षाकर्मी आखिर कहां गायब थे? क्या इस तरह की घटनाएं किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रही हैं? अगर महिला खुद हिम्मत दिखाकर अपनी रक्षा न करती, तो कोई भी संगीन हादसा हो सकता था। सार्वजनिक स्थलों पर इस तरह सुरक्षाकर्मियों की अनुपस्थिति सीधे तौर पर जिम्मेदारों की लापरवाही को उजागर करती है। नागरिकों और संगठनों ने उठाई कड़ी कार्रवाई और पुख्ता गश्त की मांग। घटना के बाद से ही विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों में रेलवे प्रशासन की लचर व्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। आम जनता का कहना है कि जब सरकार और प्रशासन लगातार महिला सुरक्षा व सशक्तिकरण के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, तब धरातल पर स्टेशन परिसर में पुलिस का न होना बेहद चिंताजनक है। स्थानीय लोगों और संगठनों ने रेलवे के जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि देर रात यात्रा करने वाली महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए जीआरपी और आरपीएफ की चौबीसों घंटे सक्रिय गश्त सुनिश्चित की जाए। साथ ही, वायरल वीडियो के आधार पर उस आरोपी मनचले को तत्काल चिन्हित कर उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी अपराधी इस प्रकार की हरकत करने का दुस्साहस न कर सके।
