शिक्षक सम्मान,बुढ़ार के ग्रीन बेल्स स्कूल में धूमधाम से मना शिक्षक दिवस

शिक्षा विभाग व प्रशासन के प्रयासों की सराहना,उत्कृष्ट शैक्षणिक परिवेश और समर्पित शिक्षकों के कार्य से सुधर रही क्षेत्र में शिक्षा की गुणवत्ता 


Junaid Khan - शहडोल। जिले के बुढ़ार नगर स्थित प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान ग्रीन बेल्स पब्लिक स्कूल में भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती ‘शिक्षक दिवस’ के अवसर पर एक गरिमामय एवं भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के संचालक एवं प्राचार्य द्वारा मां सरस्वती व डॉ. राधाकृष्णन के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर एवं माल्यार्पण करके की गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, विचारोत्तेजक नाटक (ड्रामा) और मधुर गीत-संगीत के माध्यम से समाज निर्माण में गुरुओं के अमूल्य योगदान और शिक्षकों के महत्व को रेखांकित किया। बच्चों ने अपने पसंदीदा शिक्षकों के प्रति आदर व कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन्हें उपहार भेंट किए, वहीं विद्यालय परिवार ने भी सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह आयोजन केवल एक स्कूल का उत्सव भर नहीं है, बल्कि यह शहडोल जिले में शिक्षा के गिरते स्तर को सुधारने और बच्चों को एक सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने में जुटे शिक्षा विभाग, स्थानीय प्रशासन और प्रदेश सरकार के निरंतर प्रयासों का ही सुफल है। वर्तमान में शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी एवं जिला प्रशासनिक तंत्र जिस प्रतिबद्धता के साथ शासकीय व निजी स्कूलों में बुनियादी ढांचे का विस्तार कर रहे हैं, उसी का परिणाम है कि आज बुढ़ार जैसे अंचलों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। मध्य प्रदेश सरकार की छात्र-केंद्रित योजनाओं, सर्व शिक्षा अभियान की दृढ़ता और प्रशासनिक निगरानी के चलते ही आज हमारे स्कूलों में न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ी है, बल्कि सांस्कृतिक गतिविधियों में भी बच्चों का सर्वांगीण विकास हो रहा है।

क्षेत्र के शिक्षा अधिकारियों और शासन-प्रशासन की दूरदर्शी नीतियों के चलते ही आज शिक्षण संस्थाएं निष्ठावान और कर्मठ गुरुओं की नई पौध तैयार करने में सफल हो रही हैं। जिस तरह से विभागीय अधिकारी और शिक्षक अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं, वह इस बात का प्रमाण है कि जिले में शिक्षा की अलख पूरी तत्परता से जगमगा रही है। ग्रीन बेल्स पब्लिक स्कूल में आयोजित यह गरिमामय कार्यक्रम इस बात का परिचायक है कि प्रशासनिक मार्गदर्शन, शासन का सहयोग और शिक्षकों की निष्ठा जब एक साथ मिलती है, तब समाज में एक आदर्श और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव तैयार होती है।

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