खाकी का खौफ खत्म, अपराधियों के हौसले बुलंद,जिले में चोरों का तांडव, व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

लाखों की डकैती और चोरी से थर्राया इलाका, पुलिस की सुस्ती से बदहाल कानून-व्यवस्था


Junaid Khan - शहडोल। जिले में अपराध और अपराधियों पर लगाम कसने में स्थानीय पुलिस-प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। बेखौफ बदमाशों ने एक के बाद एक कई थाना क्षेत्रों में चोरी की बड़ी वारदातों को अंजाम देकर न केवल पुलिसिया गश्त और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है, बल्कि आम जनता के मन में भी भय का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस की इस कार्यप्रणाली और ढुलमुल रवैये से ऐसा प्रतीत होता है कि कानून का डर केवल कागजों तक सीमित रह गया है, जबकि जमीनी हकीकत में अपराधी खुलेआम वारदातों को अंजाम देकर पुलिस व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। घटना की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद केवल खानापूर्ति और औपचारिकता निभाने में जुटी खाकी की सुस्ती से क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। पहली घटना जैतपुर थानांतर्गत मस्जिद मोहल्ला में घटी, जहां पीड़िता जुबेदा खान जब अपने परिवार के साथ पास के मोहल्ले में एक दावत में शामिल होने गई थीं, तभी बेखौफ चोरों ने सूने मकान का ताला तोड़कर अंदर रखे सोने-चांदी के पुराने जेवरात और नगदी पर हाथ साफ कर दिया। पुलिस के अनुसार चोरी गए सामान की कीमत लगभग 45000 रुपये आंकी गई है। इसी तरह ब्यौहारी थाना क्षेत्र के बोकरा गांव में चोरों ने और भी दुस्साहस दिखाते हुए राजेंद्र प्रसाद यादव के घर को निशाना बनाया। पीड़ित के मुताबिक, चोर ताला तोड़कर लगभग चार लाख रुपये से अधिक कीमत के मसरूका व अन्य कीमती सामान पार कर ले गए। लगातार घट रही इन घटनाओं ने संबंधित थाना प्रभारियों और गश्ती दलों की मुस्तैदी पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।  

वहीं सोहागपुर थाना क्षेत्र के कचेर मोहल्ला गढ़ी सोहागपुर में पीड़ित अतुल आनंद ब्रह्मचारी (30 वर्ष) के बंद कमरे का ताला तोड़कर अज्ञात बदमाशों ने लैपटॉप, ब्लूटूथ स्पीकर सहित अन्य महत्वपूर्ण सामग्री पार कर दी। पुलिस द्वारा हर बार की तरह मामला दर्ज कर सीसीटीवी (CCTV) खंगालने और संदिग्धों की तलाश का रटा-रटाया दावा किया जा रहा है। परंतु धरातल पर ठोस कार्रवाई न होने से जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। लगातार बढ़ती वारदातों के बाद अब जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों, थाना प्रभारियों और क्षेत्र के प्रशासनिक तंत्र पर आ टिकी है। यदि समय रहते इन जिम्मेदार अधिकारियों ने सख्त कदम नहीं उठाए और चोरी की इन बड़ी घटनाओं का शीघ्र खुलासा नहीं किया, तो पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जनाक्रोश और तेज होना तय है।

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