शहडोल के आदतन अपराधी शिवा सिंह पर शिकंजा कसेगी पुलिस
ओडिशा से शहडोल लाई जा रही थी 14.23 लाख की गांजा खेप; एनडीपीएस और बीएनएस की सख्त धाराओं में मामला दर्ज
Junaid Khan - शहडोल। छत्तीसगढ़ के बसना अंतरराज्यीय नशा तस्करों के संगठित नेटवर्क पर छत्तीसगढ़ शासन और पुलिस प्रशासन ने एक बार फिर कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नशामुक्त प्रदेश की नीति और पुलिस महानिदेशक के निर्देशों के तहत बसना पुलिस ने अदम्य साहस और मुस्तैदी का परिचय देते हुए नाकाबंदी के दौरान ओडिशा से लाई जा रही 14.23 लाख रुपये मूल्य की 28.465 किलोग्राम गांजे की खेप जब्त करने में सफलता हासिल की है। पकड़े जाने के डर से साक्ष्य मिटाने की नीयत से तस्करों ने कार को लॉक कर गांजे की बोरियों में आग लगा दी थी, लेकिन पुलिस टीम ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से तत्काल कार का शीशा तोड़कर आग पर काबू पाया और दो आरोपियों को दबोच लिया। यह सफलता न केवल बसना पुलिस की तत्परता को दर्शाती है, बल्कि क्षेत्र में सक्रिय पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था के प्रति पुलिस प्रशासन की प्रतिबद्धता का भी एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है। इस पूरे अंतरराज्यीय तस्करी मामले का मुख्य सूत्रधार और मास्टरमाइंड मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के घरौला मोहल्ला निवासी शिवा सिंह है, जो घटना के दौरान पुलिस को चकमा देकर जंगल की ओर भागने में सफल रहा। शिवा सिंह कोई आम आपराधिक पृष्ठभूमि का व्यक्ति नहीं है, बल्कि उसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले पहले से ही विभिन्न थानों में दर्ज हैं। वह पूर्व में भी कई वर्षों तक जेल की सजा काट चुका है तथा अवैध नशीली सिरप, प्रतिबंधात्मक इंजेक्शनों की बिक्री, मारपीट और गुंडागर्दी जैसी गतिविधियों में संलिप्त रहा है। उसके माता-पिता अत्यंत ही सीधे, ईमानदार और प्रतिष्ठित इंसान हैं, जिन्होंने हाल ही में इस उम्मीद में न्यायालय से उसकी जमानत करवाई थी कि वह अपनी पुरानी राह छोड़कर सुधर जाएगा, लेकिन उसने पुनः इस काले कारोबार में लिप्त होकर अपने परिवार की साख को मिट्टी में मिलाने का काम किया है। ओडिशा के बलांगीर निवासी विनोद राणा से गांजा खरीदकर सतना निवासी आरोपी सुलभ सिंह परिहार (29 वर्ष) और सागर कुशवाहा (25 वर्ष) के साथ मिलकर शिवा सिंह इस खेप को शहडोल में खपाने की योजना बना रहा था। इस सफल ऑपरेशन के तहत बसना पुलिस ने वैगनआर कार (MP 18 Z 8555), आईफोन और रियलमी मोबाइल सहित कुल 18.53 लाख रुपये से अधिक का मशरूका जब्त किया है। मामले में आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(b)(ii)(C) तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 238(A), 324(2) एवं 326(F) के तहत गंभीर अपराध दर्ज किए गए हैं। अब देखना यह है कि बसना पुलिस के इस बड़े खुलासे के बाद शहडोल पुलिस फरार आरोपी शिवा सिंह पर क्या कड़ी कार्रवाई करती है, क्योंकि यदि शहडोल पुलिस उसके ठिकानों और नेटवर्क की गहन जांच करती है तो जिले में अवैध नशीली दवाओं एवं गांजा तस्करी के कई और बड़े एवं चौंकाने वाले मामलों का भंडाफोड़ होना तय है।
