शासकीय शिविर में उपेक्षा और नशा,पंचायत भवन बना मयखाना,पटवारी की करतूत से शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधि कटघरे में

जन विश्वास अभियान के बीच किसानों से दुर्व्यवहार का वीडियो वायरल

उच्चाधिकारियों,क्षेत्रीय विधायकों और स्थानीय प्रतिनिधियों की मौन स्वीकृति पर उठे गंभीर सवाल 


Junaid Khan - शहडोल। जैतपुर रसमोहनी शासकीय योजनाओं को पारदर्शी तरीके से अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए चलाए जा रहे ‘जन विश्वास अभियान’ की जमीनी हकीकत तहसील जैतपुर के बोकरामार क्षेत्र में तार-तार हो गई है। शासकीय पंचायत भवन कार्यालय, जिसे जनसमस्याओं के निराकरण का केंद्र होना चाहिए था, वह ड्यूटी के समय शराब पार्टी का अड्डा बन गया। हलका बोकरामार में पदस्थ पटवारी का पंचायत भवन के भीतर शराब का सेवन करते और अपनी समस्याओं को लेकर पहुँचे ग्रामीण किसानों व पात्र हितग्राहियों से बदसलूकी व अभद्र व्यवहार करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। इस घोर लापरवाही और अमर्यादित आचरण ने न केवल राजस्व विभाग की साख बिगाड़ी है, बल्कि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, तहसील अमले और जिला प्रशासन की निगरानी प्रणाली पर भी गहरा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। शासन की जन कल्याणकारी नीतियों को अमलीजामा पहनाने की जिम्मेदारी जिन मैदानी कर्मचारियों पर है, उनके इस रवैये से पीड़ित ग्रामीणों और किसानों में भारी असंतोष व्यापत है। इस शर्मनाक घटनाक्रम के सामने आने के बाद स्थानीय जन प्रतिनिधियों, पंचायत संरपंच, सचिव, क्षेत्रीय विधायक, सांसद एवं प्रशासनिक अमले की भूमिका पर भी उंगलियाँ उठने लगी हैं। आखिर किसके शह पर शासकीय भवनों में इस प्रकार का आचरण बेखौफ जारी है? मामले को संज्ञान में लेते हुए भाजपा जिला उपाध्यक्ष एवं जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की सदस्य सुनैना सिंह सैयाम ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महत्वपूर्ण शासकीय अभियानों के दौरान इस प्रकार की अनुशासनहीनता शासन की मंशा के विपरीत है। उन्होंने पटवारी पर अपने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी लगातार अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जाँच और दोषी कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई की माँग की है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि ऐसे गंभीर मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों व नेताओं द्वारा कठोर रुख नहीं अपनाया जाता, तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था की छवि जनता के बीच धूमिल होती है। इधर, पूरे मामले में प्रशासनिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। जैतपुर तहसीलदार एमपी विराट ने बताया कि बोकरामार पंचायत भवन में पटवारी द्वारा शराब के नशे में हितग्राहियों से बातचीत करने और शराब सेवन का मामला वीडियो के माध्यम से संज्ञान में आया है। तहसीलदार के अनुसार, यह मामला कुछ समय पुराना बताया जा रहा है, किंतु वीडियो के सार्वजनिक होने के पश्चात् इसकी जाँच कराई गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक वैधानिक व अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर उपखंड अधिकारी (एसडीएम) जैतपुर को प्रेषित कर दिया गया है। अब देखना यह होगा कि जिला व तहसील प्रशासन इस मामले में महज खानापूर्ति करता है या फिर पटवारी सहित व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाले तत्वों पर कोई ठोस और नजीर पेश करने वाली कार्रवाई करता है।

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