क्या सिर्फ फीता काटने तक सीमित रह गई पुलिस की नई हाईवे चौकी?
Junaid khan - शहडोल। राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर स्थित धुरवार टोल प्लाजा एक बार फिर अराजकता और खौफ का गढ़ बनता नजर आ रहा है। नियम-कायदों को ताक पर रखकर सरेआम गुंडागर्दी करने वाले रसूखदारों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे छोटी-सी बात पर खुलेआम असलहे चमकाने से भी नहीं कतरा रहे। ताजा मामले में फास्टैग रिचार्ज कराने जैसी मामूली बात पर थार वाहन (क्रमांक CG04QM8005) में सवार ऋषि सिंह नामक युवक ने टोल कर्मचारियों के साथ न केवल गाली-गलौज और हाथापाई की, बल्कि अपना कॉलर पकड़े जाने का झूठा राग अलापते हुए गाड़ी से पिस्तौल निकाल ली और कर्मचारियों पर तान दी। घटना का सनसनीखेज सीसीटीवी फुटेज और लिखित शिकायत सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
टोलकर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा पर भारी पड़ती दबंगों की गुंडई
मामले की तह में जाएं तो सोहागपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत धुरवार टोल प्लाजा पर टीसी के पद पर कार्यरत कर्मचारी राजकुमार यादव (पिता राजेन्द्र प्रसाद यादव, उम्र 22 वर्ष) बुधवार रात करीब 10 बजे अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान बुढ़ार की ओर से आ रही थार गाड़ी को जब फास्टैग में बैलेंस न होने के कारण रोका गया और नियमानुसार रिचार्ज कराने का आग्रह किया गया, तो वाहन चालक आपा खो बैठा। आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए पिस्तौल निकाल ली और कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी देने लगा। टोल कर्मचारी सतेन्द्र सिंह, विशाल व अन्य स्टाफ ने बीच-बचाव कर जैसे-तैसे मामले को संभाला, वरना मौके पर खूनी खेल हो सकता था।
सरकारी अमले की मुस्तैदी पर उठे गंभीर सवाल, आखिर कब जागेगा प्रशासन?
एक तरफ जहां टोल के कर्मचारी और अधिकारी विपरीत परिस्थितियों में भी संयम बरतते हुए और हाथ-पैर जोड़कर रोजाना व्यवस्था संभालने का प्रयास करते हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय पुलिस प्रशासन की ढुलमुल कार्यशैली और सुस्त रवैये पर अब तीखे सवाल खड़े हो रहे हैं। सूचना देने के बावजूद पुलिस का आधा से एक घंटे बाद मौके पर पहुंचना यह साबित करता है कि आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला पुलिस कितनी "गंभीर" है। यदि हथियारबंद अपराधी उस दौरान गोली चला देता, तो इसका जिम्मेदार कौन होता? क्षेत्र की जनता अब साफ तौर पर पूछ रही है कि क्या पुलिस को किसी बड़े हादसे या किसी बेकसूर की जान जाने का इंतजार है?
फीता काटने और वाही-वाही तक सिमटी 'हाईवे यातायात चौकी'
कुछ ही समय पहले पुलिस कप्तान डॉ. संजय कुमार अग्रवाल द्वारा बुढ़ार रोड धुरवार टोल प्लाजा पर जिस नई 'हाईवे यातायात पुलिस चौकी' का बड़े तामझाम और गाजे-बाजे के साथ भव्य शुभारंभ किया गया था, वह आज महज एक "शो-पीस" साबित हो रही है। अधिकारियों ने फोटो खिंचवाने और वाहवाही लूटने के लिए उद्घाटन तो कर दिया, लेकिन हकीकत यह है कि यह चौकी अक्सर ताले में बंद रहती है या वहां एक भी जिम्मेदार जवान तैनात नहीं रहता। अगर उस चौकी पर नियमित रूप से पुलिस बल की तैनाती होती, तो अपराधियों में खौफ होता और वारदात के वक्त पुलिस को शहर से आने में आधा घंटा नहीं लगता। जनता का आरोप है कि यह पूरी कवायद सिर्फ अखबारों में खबरें छपवाने और धोखेबाज़ी का छलावा बनकर रह गई है।
षड्यंत्र रचने की फिराक में आरोपी,निष्पक्ष जांच और शस्त्र लाइसेंस रद्द करने की मांग
विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, घटना को अंजाम देने के बाद अब आरोपी शराब ठेकेदारी का रौब झाड़ते हुए और खुद को अनूपपुर-बिहार का व्यापारी बताकर उल्टा टोलकर्मियों पर "लाखों रुपये की लूट" का झूठा षड्यंत्र रचने की फिराक में है। हालांकि, सीसीटीवी फुटेज और मौके की हकीकत साफ बयां करती है कि असल गुंडागर्दी किसने की है। जागरूक नागरिकों और टोल प्रबंधन ने मांग की है कि पुलिस प्रशासन इस मामले में किसी भी प्रकार की सांठगांठ या लीपापोती न करे। आरोपी के खिलाफ कड़ी धाराओं में मामला दर्ज कर उसे तत्काल जेल भेजा जाए और उसके हथियार का लाइसेंस तुरंत निरस्त किया जाए, ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर राहगीर और कर्मचारी खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।
इनका कहना है
जानकारी मिली है,सोहागपुर थाने में शिकायत हुई है,पुलिस जांच कर रही है, जो भी जैसा जांच में आता है उसी के हिसाब से कार्यवाही की जाएगी।
राजेन्द्र मोहन दुबे,डीएसपी जिला शहडोल
