मेडिकल कॉलेज जाने वाली सड़क कीचड़ में तब्दील,मरीजों की जान जोखिम में,निर्माण एजेंसी की लापरवाही से बढ़ी मुसीबत
Junaid Khan - शहडोल। मेडिकल कॉलेज जाने वाले मरीजों और आम लोगों की परेशानी दो दिनों की बारिश ने बढ़ा दी है। मेडिकल कॉलेज के सामने से बस स्टैंड होते हुए चुहरी मार्ग तक निर्माणाधीन सड़क दो दिनों की बारिश में कीचड़ से सन गई है। हालात ऐसे हैं कि एनएच-43 से मेडिकल कॉलेज तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है। सड़क पर फैली मिट्टी और कीचड़ के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया है। वहीं, दोपहिया वाहन और ऑटो भी फिसलकर फंस रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को उठानी पड़ रही है।
दरअसल, मेडिकल कॉलेज से एनएच-43 तक सड़क को उखाड़कर मिट्टी डालकर समतल किया गया है, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा छोड़ने और बारिश से बचाव के इंतजाम नहीं होने के कारण पूरी सड़क दलदल में तब्दील हो गई है। शुक्रवार सुबह एक ऑटो चालक राजेश मरीज को लेकर मेडिकल कॉलेज जा रहा था। इसी दौरान कीचड़ में ऑटो का पहिया फंस गया। ऑटो में गंभीर मरीज बैठा था। ऐसे में आसपास मौजूद लोगों ने मदद कर किसी तरह ऑटो को बाहर निकाला। इस घटना ने सड़क निर्माण की बदहाल व्यवस्था की पोल खोल दी।
बाइक सवार गिरकर हो रहे घायल,छात्रों की भी बढ़ी परेशानी
गुरुवार से शुक्रवार के बीच कई बाइक सवार भी कीचड़ और फिसलन के कारण सड़क पर गिरकर घायल हो चुके हैं। मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले एमबीबीएस छात्रों को भी इसी मार्ग से पैदल आना-जाना पड़ रहा है। कीचड़ के कारण उन्हें भी रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने में ही जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
जिम्मेदारों का ध्यान कब जाएगा?
मेडिकल कॉलेज जैसे महत्वपूर्ण संस्थान तक पहुंचने वाला मार्ग इस कदर बदहाल होना जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन और संबंधित निर्माण एजेंसी तत्काल सड़क की सुध लें। कम से कम आवागमन योग्य व्यवस्था बनाई जाए और अधूरे हिस्से में जल्द डामरीकरण कराया जाए, ताकि मरीजों, छात्रों और आम नागरिकों को इस परेशानी से राहत मिल सके।
