कलेक्टर को ज्ञापन सौंप नगरवासियों ने उठाई स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग,व्यापार, स्थानीय व्यवसाय और जनसुविधाओं पर मंडराया संकट
Junaid Khan - शहडोल। नेशनल हाईवे 43 पर जमुआ स्थित राधास्वामी आश्रम के समीप निर्माणाधीन नेशनल हाईवे 543 के ओवरब्रिज और अंडरब्रिज निर्माण को लेकर स्थानीय व्यापारियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रशासन व सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। सोमवार को जिला कलेक्टर के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर नागरिकों ने चल रहे निर्माण कार्य की स्वतंत्र और निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की जोरदार मांग रखी है। ज्ञापनकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों का स्वागत है, लेकिन यदि निर्माण बिना वैज्ञानिक आंकलन के किया गया, तो इससे जहां एक ओर शासन-प्रशासन के जनहितकारी दावों पर सवाल उठेंगे, वहीं दूसरी ओर स्थानीय व्यापारियों की रोजी-रोटी, दुकानें और आवागमन की सुगमता पूरी तरह प्रभावित होगी। नागरिकों का कहना है कि किसी भी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने से पहले क्षेत्र के यातायात घनत्व (ट्रैफिक डेंसिटी), वाहनों की दैनिक संख्या, भविष्य की संभावित आबादी, सड़क की वर्तमान स्थिति और भूमि उपयोग का गहन वैज्ञानिक अध्ययन अनिवार्य होता है। ज्ञापन में मांग की गई है कि शासन व जिम्मेदार राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी वर्तमान में इस स्थान पर प्रस्तावित निर्माण की वास्तविक आवश्यकता और इसके दूरगामी प्रभावों की समीक्षा करें। जिन स्थानों पर हादसों का खतरा अधिक है, वहां प्राथमिकता के आधार पर ओवरब्रिज व अंडरब्रिज का निर्माण होना चाहिए, न कि बिना जमीनी अध्ययन के ऐसी जगहों पर निर्माण थोपा जाए जहां से व्यापारियों का व्यवसाय चौपट हो जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान जागरूक नागरिकों एवं सामाजिक प्रतिनिधियों ने एकजुटता दिखाते हुए शासन-प्रशासन से जनहित में न्यायसंगत निर्णय लेने की अपील की। इस अवसर पर मोहम्मद अबू जावेद, हरीश अरोरा, शंकर लोधी, शबरा बानो, मुन्ना कुशवाहा, अतुल सिंह, विनोद कुमार, गणेशम एवं राजकुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा जनभावनाओं और तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई, तो क्षेत्र का व्यापारी वर्ग और आम जनता अपने अधिकारों व व्यवसाय की सुरक्षा के लिए चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होगी।
