पंचायत सचिव की कारस्तानी से बीपीएल सूची से कटा जिंदा बेटे का नाम, एसडीएम दफ्तर पहुंचा बेबस पिता
Junaid Khan - शहडोल। जनपद पंचायत जयसिंहनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत कतिरा के ग्राम खुसरवाह में प्रशासनिक ढिलाई और धरातलीय लापरवाही की एक बेहद गंभीर व हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। ग्राम पंचायत के जिम्मेदार सचिव की एक बड़ी गड़बड़ी के कारण एक जीवित, पढ़ाई कर रहे छात्र को विभागीय कागजों व अभिलेखों में 'मृत' घोषित कर उसका नाम बीपीएल राशन कार्ड से विलोपित (काट) दिया गया है। पीड़ित पिता शारदा प्रसाद केवट, जिनके नाम से बीपीएल राशन कार्ड जारी है, अपने जीवित पुत्र ध्रुव केवट का नाम राशन कार्ड से हटाए जाने के बाद से लगातार दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। जबकि हकीकत यह है कि ध्रुव केवट पूरी तरह जीवित है और वर्तमान में जवाहर नवोदय विद्यालय में अध्ययनरत होकर अपने परिवार के संरक्षण में पढ़ाई कर रहा है। पंचायत स्तर पर हुई इस गंभीर मानवीय व तकनीकी गलती ने सरकारी पोर्टल और मैदानी कर्मचारियों के सत्यापन कार्य की पोल खोलकर रख दी है।
एसडीएम की त्वरित पहल और प्रशासनिक संवेदनशीलता की उम्मीद, लेकिन सचिव की कार्यशैली पर उठे सवाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित पिता शारदा प्रसाद केवट ने एसडीएम जयसिंहनगर के समक्ष उपस्थित होकर लिखित गुहार लगाई है। आवेदन में उन्होंने स्पष्ट उल्लेख किया है कि उनके पुत्र को कागजों में मृत दर्शाना न सिर्फ विभागीय लापरवाही है, बल्कि यह परिवार के साथ अन्याय भी है। इस मामले में जहां एक तरफ जयसिंहनगर एसडीएम कार्यालय द्वारा निष्पक्ष जांच कर सुधार कराने का भरोसा दिए जाने की उम्मीद से ग्रामीण आश्वस्त दिख रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय पंचायत सचिव की इस घोर गैर-जिम्मेदारी को लेकर जनता में तीखा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि जब एक ओर शासन गरीब परिवारों को खाद्य सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए प्रतिबद्धता जताता है, वहीं निचले स्तर के कर्मचारी पोर्टल अपडेशन और भौतिक सत्यापन के नाम पर इस तरह की गंभीर गलतियां कर सरकार की साख पर बट्टा लगा रहे हैं।
जांच के घेरे में जिम्मेदार: रिकॉर्ड सुधारने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
इस सनसनीखेज लापरवाही के सामने आने के बाद अब जनपद पंचायत व खाद्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित पिता ने एसडीएम से मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, सरकारी अभिलेखों में हुई त्रुटि का तत्काल सुधार कर ध्रुव केवट का नाम पुनः बीपीएल राशन कार्ड में पूर्ववत दर्ज किया जाए और इस कृत्य के दोषी पंचायत सचिव व संबंधित अमले पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए। प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि ऐसे मामलों में केवल नाम जोड़ देना ही काफी नहीं है, बल्कि यह देखना भी जरूरी है कि बिना किसी सत्यापन के एक जीवित अध्ययनरत बच्चे को मृत घोषित कैसे कर दिया गया। अब देखना यह होगा कि जयसिंहनगर प्रशासन इस पीड़ित परिवार को कितनी जल्द न्याय दिलाता है और जिम्मेदार सचिव पर क्या कार्रवाई अमल में लाई जाती है।
