पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय शहडोल में धूमधाम से मनाई गई गीता जयंती

पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय शहडोल में धूमधाम से मनाई गई गीता जयंती



Junaid khan - शहडोल। 02 दिसम्बर 2025-  पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय में गीता जयंती महोत्सव श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक गरिमा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और गीता-वंदना के साथ हुआ। कुलगुरु प्रो. रामशंकर ने कार्यक्रम को सम्बोंधित करते हुए कहा कि “गीता मानव जीवन का सार्वभौमिक संविधान है। इसमें न कोई संप्रदाय है, न कोई सीमा। यह हर मनुष्य को संतुलन, धैर्य और सही निर्णय की कला सिखाती है। आज के युवा यदि गीता के ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते’ को जीवन में उतार लें, तो राष्ट्र और समाज दोनों नई ऊँचाइयाँ छू सकते हैं।”  इस अवसर पर श्रीमद भगवत गीता के 15वें अध्याय का पाठ एवं हवन भी किया गया।

कुल सचिव डॉ. आशीष तिवारी ने कहा कि  गीता हमें कर्मयोग का रास्ता दिखाती है। परिणाम की चिंता किए बिना श्रेष्ठ कर्म करना ही सच्ची साधना है। विश्वविद्यालय में ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में आध्यात्मिक दृष्टि और चरित्र निर्माण की भावना सुदृढ़ होती है। इस अवसर पर पं. शंभूनाथ विश्व विद्यालय के प्रोफेसर एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियो ने सहभागिता निभाई।

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