शहडोल में महा-बुलडोजर' कार्रवाई की उल्टी गिनती शुरू,रसूखदारों के अवैध कब्जों पर चलेगा प्रशासन का डंडा,बस स्टैंड से इंदिरा चौक तक 18 मीटर का महा-अभियान

प्रशासनिक अमला मुस्तैद,सीएम मॉनिट ए+ योजना के तहत चौड़ी होगी सड़क,40 से अधिक हथियारबंद पुलिस बल और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की तैनाती से अतिक्रमणकारियों में खलबली


Junaid Khan - शहडोल। नगरपालिका परिषद शहडोल के मुख्य नगरपालिका अधिकारी निशांत सिंह ठाकुर के कड़े और ऐतिहासिक आदेशों ने शहडोल संभाग के उन भू-माफियाओं और रसूखदारों की रातों की नींद उड़ा दी है, जिन्होंने वर्षों से सरकारी सड़कों को अपनी जागीर समझ रखा था। न्यू बस स्टैंड बलपुरवा से लेकर इंदिरा चौक तक 'सीएम मॉनिट ए+ योजना' के अंतर्गत होने वाले नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण, सड़क चौड़ीकरण एवं विद्युतीकरण कार्य के आड़े आ रहे तमाम अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने का अंतिम फरमान जारी हो चुका है। मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 31 मई 2023 की कानूनी बंदिशों और तय मापदंडों के तहत पूरे 18 मीटर की प्रस्तावित चौड़ाई में आने वाले भवनों, आलीशान प्रतिष्ठानों और दुकानों का सर्वे पूरा कर उन पर लाल निशान लगाए जा चुके हैं। प्रशासन के इस सख्त रुख से अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है, वहीं वर्षों से जाम की समस्या से जूझ रही आम जनता को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जागी है। इस महा-अभियान की संवेदनशीलता और रसूखदारों के संभावित हिंसक विरोध या अराजकता को भांपते हुए मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने सीधे पुलिस अधीक्षक (SP) शहडोल को पत्र लिखकर 28 जून 2026 से आगामी दो महीनों तक के लिए लगभग 40 महिला व पुरुष पुलिस बल की तैनाती की मांग की है। इतना ही नहीं, मौके पर कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार के विवाद से निपटने के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सोहागपुर से कार्यपालिक मजिस्ट्रेट नियुक्त करने का लिखित अनुरोध किया गया है। सरकारी आदेश (क्रमांक 2168, 2170) में साफ तौर पर आगाह किया गया है कि असामाजिक तत्वों द्वारा इस विकास कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने की पूरी आशंका है, जिससे निपटने के लिए प्रशासन ने पूरी तरह 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपना ली है। इस महा-कार्रवाई की निगरानी स्वयं संभागायुक्त शहडोल, कलेक्टर शहडोल और नगरीय प्रशासन एवं विकास के संयुक्त संचालक कर रहे हैं। सड़क पर से अतिक्रमण को पूरी तरह नेस्तनाबूद करने और मलबे को हटाने के लिए नगरपालिका ने विशेष 'टास्क फोर्स' का गठन कर दिया है। उपयंत्री सुखेन्द्र सिंह तोमर को इस पूरी कार्रवाई का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो लोक निर्माण शाखा के संसाधनों, भारी-भरकम जे.सी.बी. (JCB) और डंपरों के साथ अग्रिम मोर्चे पर तैनात रहेंगे। इसके साथ ही, मार्ग में आने वाले जटिल विद्युत ढांचों और हाई-टेंशन तारों को व्यवस्थित करने के लिए उपयंत्री पुनीत त्रिपाठी, राजस्व मामलों के निपटारे के लिए सहायक राजस्व निरीक्षक मयंक मिश्रा और साफ-सफाई व मलबे के त्वरित निष्पादन के लिए स्वच्छता निरीक्षक अनिल महोबिया को सहायक नोडल अधिकारी की कमान सौंपी गई है। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए फायर प्रभारी मोहम्मद इजराईल को दलबल समेत अलर्ट पर रहने का आदेश दिया गया है। वाहन शाखा प्रभारी को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि जेसीबी और डंपरों की व्यवस्था में कोई कमी न रहे। यह खबर उन लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है जो अब तक राजनैतिक या आर्थिक रसूख के दम पर शासकीय जमीनों को दबाकर बैठे थे और विकास के पहिये को रोक रहे थे। 28 जून से शुरू होने जा रही यह प्रशासनिक सर्जिकल स्ट्राइक शहडोल के इतिहास में बुनियादी ढांचे के विकास का एक नया अध्याय लिखेगी। मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। अब देखना यह होगा कि जब प्रशासन की जेसीबी इन अवैध निर्माणों की नींव हिलाएगी, तब पर्दे के पीछे से इस अतिक्रमण को संरक्षण देने वाले सफेदपोश चेहरे किस तरह बेनकाब होते हैं।

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