बुल्डोजर तंत्र' की क्रूरता,अतिक्रमण हटाने के नाम पर खूनी खेल, टिन-शेड के नीचे जिंदगी दबाकर भागे नपा सीएमओ

प्रशासनिक निरंकुशता की पराकाष्ठा, बलपुरवा रोड पर मलबे में दबे सगे भाई-भतीजे, मेडिकल कॉलेज में जिंदगी और मौत के बीच जंग 

सहयोग कर रहे व्यापारियों पर बिना चेतावनी चलवा दी जेसीबी,आक्रोशित जनता ने घेरा तो मौके से फरार हुए मुख्य नगरपालिका अधिकारी 


Junaid Khan - शहडोल। जिला मुख्यालय में प्रशासनिक तानाशाही और संवेदनहीनता का एक ऐसा खौफनाक चेहरा सामने आया है, जिसने समूचे शहर को झकझोर कर रख दिया है। रविवार, 28 जून 2026 को बुढ़ार रोड से न्यू बस स्टैंड मार्ग पर चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान कानून की धज्जियां उड़ाते हुए बर्बरता की सारी हदें पार कर दी गईं। नगर पालिका परिषद शहडोल के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) निशांत सिंह ठाकुर के सीधे निर्देशन और व्यक्तिगत मौजूदगी में चल रही इस कार्रवाई के दौरान, बिना किसी पूर्व चेतावनी और सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर जबरन जेसीबी चलवा दी गई। चश्मदीदों और पीड़ित परिवार के अनुसार, बलपुरवा रोड निवासी स्थानीय व्यवसाई और आम नागरिक खुद ही अपना मकान और दुकानों का सामान हटाकर प्रशासन का सहयोग कर रहे थे। लेकिन दोपहर लगभग पौने चार बजे सत्ता और पद के मद में चूर अधिकारियों ने बिना यह सुनिश्चित किए कि इमारत के भीतर कोई है या नहीं, सीधे प्रहार के आदेश दे दिए। इस अमानवीय हड़बड़ाहट और निरंकुश आदेश का खामियाजा दो बेगुनाह जिंदगियों को अपनी जान की बाजी लगाकर भुगतना पड़ रहा है। जब जेसीबी की बेरहम टक्कर से दुकान की भारी-भरकम छत भरभराकर नीचे गिरी, तो उसके भीतर सामान खाली कर रहे व्यवसाई अशोक गुप्ता के छोटे भाई सीताराम गुप्ता और पुत्र रविकांत गुप्ता मलबे के नीचे जिंदा दफन हो गए। चीख-पुकार और मलबे से निकलते खून को देखकर मौके पर मौजूद जनता का गुस्सा फूट पड़ा। उग्र नागरिकों ने तत्काल काम रुकवाया और मलबे को हटाकर लहूलुहान हालत में दोनों को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल पिता-पुत्र को शासकीय मेडिकल कॉलेज शहडोल में भर्ती कराया गया है, जहां दोनों की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। सबसे शर्मनाक पहलू यह रहा कि जैसे ही हादसा हुआ और जनता का आक्रोश भड़का, मौके पर कानून का पाठ पढ़ाने वाले सीएमओ निशांत सिंह ठाकुर और उनकी टीम घायलों को तड़पता छोड़ तत्काल प्रभाव से भूमिगत हो गए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और व्यापारिक संगठनों में भारी रोष व्याप्त है। पीड़ित परिवार के मुखिया अशोक गुप्ता ने कोतवाली थाना प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपकर इस कृत्य को सीधे तौर पर "जान से मारने का प्रयास" करार दिया है। शिकायती पत्र में साफ तौर पर आरोप लगाया गया है कि जब दोनों पीड़ित दुकान के अंदर ही मौजूद थे, तब सीएमओ द्वारा जबरदस्ती जेसीबी ड्राइवर को दुकान गिराने की शह दी गई। पीड़ित पक्ष ने बेखौफ और निरंकुश सीएमओ व उनकी टीम के खिलाफ हत्या के प्रयास (अटेम्प्ट टू मर्डर) सहित अन्य संगीन धाराओं के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि क्या शहडोल पुलिस प्रशासन अपने ही कैडर के एक रसूखदार अधिकारी पर निष्पक्ष कार्रवाई करने की हिम्मत दिखाता है, या फिर इस खूनी प्रशासनिक लापरवाही की फाइल को रफा-दफा करने का प्रयास किया जाएगा। यह घटना सीधे तौर पर शहडोल प्रशासन की साख और कार्यप्रणाली को एक खुली चुनौती है।

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