हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा-जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरण में माननीय न्यायालय ने सुनाई सजा
Junaid khan - शहडोल। माननीय न्यायालय श्रीमान विशेष न्यायाधीश (अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम) जिला शहडोल ने थाना बुढार के अपराध क्रं0 816/22 विशेष सत्र प्रकरण क्रं0 105/22 शासन बनाम बेसू यादव में आरोपी बेसू यादव पिता राम प्रसाद यादव उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम बरटोला हथगला थाना जैतपुर जिला शहडोल म0प्र0 को भादवि की धारा 302 एवं अनुसूचित जाति एवं अनु0 जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 की धारा 3(2)(5) में आजीवन कारावास एवं 5000/- रूपये के अर्थदण्ड से दंण्डित किया है। प्रकरण में श्री एस0एल0 कोष्टा उपनिदेशक अभियोजन जिला शहडोल द्वारा पैरवी की गई।
घटना का संक्षिप्त विवरण
जिला मीडिया प्रभारी राकेश कुमार पाण्डेय ने प्रकरण के पैरवीकर्ता अभियोजन अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी अनुसार बताया कि सूचनाकर्ता सेमलाल गोंड़ पिता जनकू सिंह गोंड़ ने दिनांक 18.10.2022 को इस आशय की सूचना दी कि उसका भाई मोतीलाल गोंड दिनांक 17.10.2022 को शाम 6.00 बजे अपने घर से नत्थू प्रजापति के किराने की दुकान पर सामान लाने जाने को कहा और घर वापिस नहीं आया। सूचना दिनांक को करीब 6.00 बजे रमेश सिंह गोंड़ सूचनाकर्ता को आकर बताया कि उसका भाई मोतीलाल, किशोर सिंह के खेत जमीन के सामने मरा हुआ पड़ा है। देखने पर लगता है कि कोई व्यक्ति मोतीलाल को गले में लोहे की टांगी से मारपीट कर हत्या किया है। सूचना पर असल मर्ग कायम कर जांच की गई। मर्ग की जांच उपरान्त इस आशय की नामजद प्रथम सूचना पंजीबद्ध हुई कि नत्थू प्रजापति एवं ठाकुरदीन ने मृतक मोतीलाल के परिजनों को बताया कि घटना दिनांक की रात 9.00 बजे मोतीलाल के साथ बेसू यादव घटना स्थल बरटोला तरफ जाते हुए देखा गया। मृतक के साथ अंतिम बार देखे जाने एवं शेष परिस्थितियों के आधार पर सूचनाकर्ता ने आरोपी बेसू यादव के विरूद्ध मृतक मोतीलाल की हत्या किये जाने की सूचना दी, जिसपर असल अपराध पंजीबद्ध कर सम्पूर्ण विवेचना उपरान्त अभियुक्त बेसू यादव के विरूद्ध भा0दं0सं0 की धारा 302 एवं मृतक के अनुसूचित जनजाति के सदस्य होने से अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 की धारा 3(2)(5) का अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। अभियोजन की ओर से माननीय न्यायालय समक्ष कुल 18 अभियोजन साक्षियों के साक्ष्य अंकित कराए गए तथा उपनिदेशक अभियोजन श्री एस0एल0 कोष्टा द्वारा मौखिक अंतिम तर्क प्रस्तुत किया गया। माननीय न्यायालय ने अभियोजन के तर्क एवं प्रकरण की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए आरोपी को वर्धित दण्ड से दण्डित किया। दिनां 08/12/2025
जिला मीडिया प्रभारी
जिला शहडोल म0प्र0।
