फायलेरिया से बचाव हेतु दवा का सेवन जरूरी-सीएमएचओ

10 फरवरी से 24 फरवरी तक फायलेरिया की दवा खिलाने का चलेगा अभियान 


Junaid khan - शहडोल। 31 जनवरी 2026- राष्ट्रीय फायलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आगामी 10 फरवरी से 24 फरवरी तक बूथ केन्द्रों एवं घर-घर सम्पर्क कर 02 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को डीईसी एवं एल्वेन्डाजोल की गोली की खुराक खिलाई जाएगी। जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि 10 फरवरी से 24 फरवरी तक फायलेरिया उन्मूलन (हाथी पांव) की बीमारी से बचाव हेतु सोहागपुर विकासखण्ड में विशेष अभियान चलाकर शैक्षणिक संस्थाओं एवं घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं गठित दल के माध्यम से दवाओं का सेवन कराया जाएगा। 10, 11 एवं 12 फरवरी को बनाए गए बूथों में दवा का सेवन कराया जाना है। इसके लिए सोहागपुर जनपद पंचायत में एक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 07 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, 08 सेक्टर स्तर पर, 62 उप स्वास्थ्य केन्द्रों 77 ग्राम पंचायतों, 156 ग्राम आरोग्य केन्द्रों, 247 प्राथमिक विद्यालयों, 72 हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों, 22 छात्रावासों तथा 302 आंगनवाड़ी केन्द्रों में बूथ बनाए गए हैं। बूथ दिवस में दवा सेवन से वंचित लोगों को दवा खिलाने के लिए 16 फरवरी से 20 फरवरी तक दल द्वारा घर-घर जाकर दवा का सेवन कराया जाएगा। 21 फरवरी से 24 फरवरी तक, मापअप राउन्ड के तहत छूटे हुए लोगों को दवा का सेवन कराया जाना है। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि जिले में सोहागपुर जनपद में 12 सस्पेक्टेड रोगी चिन्हित किए गए हैं। वर्ष 2025 में जिले में कुल 32 फायलेरिया से प्रभावित लोग पाए गए थे। उन्होंने बताया कि 2025 के दौरान सोहागपुर जनपद पंचायत में 27 हाइड्रोसिल के रोगी सस्पेक्टेड पाए गए थे। जिले में 231 हाइड्रोसिल से प्रभावित रोगियों का ऑपरेशन किया गया है। जिसमें 84 सोहागपुर जनपद पंचायत में, 34 बुढ़ार जनपद पंचायत में, 27 गोहपारू जनपद पंचायत में, 17 जयसिंहनगर जनपद पंचायत में 47 ब्यौहारी जनपद पंचायत में तथा 22 शहडोल नगरीय क्षेत्र के रोगी शामिल हैं। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि जिन लोगों को माईक्रोफायलेरिया के कीटाणु होते हैं उन लोगों में गोली खाने के बाद सर दर्द, बदन दर्द, पेट दर्द, उल्टी, आदि जैसे लक्षण प्रभाव में आ सकते हैं। इन लक्षणों से घबराना नहीं है। वे तत्कालिक प्रभाव वाले लक्षण होते हैं। फायलेरिया बीमारी से बचने के लिए दवा का सेवन आवश्यक है। फायलेरिया की बीमारी कभी भी किसी को भी हो सकती है। इसलिए आवश्यक है कि दवाई का सेवन स्वयं करें और अपने संपर्क के लोगों को भी दवा खाने के लिए जागरूक करें। वर्ष में एक बार 02 साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती माताओं, गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर शेष सभी जन समुदाय को निर्धारित मात्रा में फायलेरिया रोधी दवा डीईसी (डायइथाइलकार्बामैजीन ) एवं एल्वेन्डाजोल का सेवन कराया जाना आवश्यक है। दवा का सेवन खाली पेट नहीं करना है। एल्वेन्डाजोल की गोली चबाकर ही खाना है। 02 से पांच वर्ष के बच्चों को 01 डीईसी टेबलेट तथा 01 एल्वेन्डाजोल, 06 से 14 वर्ष के बच्चों को 02 डीईसी टेबलेट तथा एक एल्वेन्डाजोल एवं 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को 03 डीईसी टेबलेट एवं एक एल्वेन्डाजोल टेबलेट खिलाई जानी है। जिला सलाहकार मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम ने बताया कि अभियान के तहत सोहागपुर जनपद पंचायत के 156 ग्रामों में फायलेरिया की दवा खिलाई जानी है। इन ग्रामों की कुल जनसंख्या 2 लाख 26 हजार 365 तथा दवा खिलाने हेतु लक्षित जनसंख्या 2 लाख 5 हजार 984 है। इस कार्य हेतु 315 टीमों का गठन किया गया है। जिसकी मॉनीटरिंग 70 सुपरवाईजरों द्वारा की जाएगी। अभियान को सम्पन्न कराने के लिए 5 लाख 77 हजार डीईसी टेबलेट तथा 2 लाख 27 हजार एल्वेन्डाजोल टेबलेट की आवश्यकता होगी।

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