थाना ब्यौहारी पुलिस की बड़ी कार्रवाई,एनडीपीएस एक्ट के मामले में आरोपी को छत्तीसगढ़ से दबोचा
Junaid khan - शहडोल। जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र में वर्ष 2023 में पकड़े गए 87 किलो गांजा तस्करी प्रकरण में फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने आखिरकार तीन साल बाद गिरफ्तार कर लिया। लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा आरोपी छत्तीसगढ़ में छिपकर रह रहा था। मुखबिर सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने उसे धर दबोचा और न्यायालय में पेश किया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, थाना ब्यौहारी के अपराध क्रमांक 344/23 में एनडीपीएस एक्ट के तहत वर्ष 2023 में एक फोर्ड इकोस्पोर्ट कार से 87 किलो गांजा जब्त किया गया था। कार्रवाई के दौरान आरोपी मौके से फरार हो गया था। घटना के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी, लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा था। वाहन के सुराग से खुला राज जांच के दौरान पुलिस ने जब्त वाहन के मालिक की जानकारी निकाली। पूछताछ में सामने आया कि वाहन को बेच दिया गया था। आगे की पड़ताल में पता चला कि वाहन को इमरान पिता मुबारक खान ने खरीदा था और उसी के माध्यम से गांजा तस्करी की जा रही थी। आरोपी वारदात के बाद से फरार होकर स्थान बदल-बदल कर रह रहा था। छत्तीसगढ़ कनेक्शन आया सामने। तकनीकी साक्ष्य और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस को आरोपी के छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र में होने की सूचना मिली। टीम ने बिलासपुर में ऑटो डील से जुड़े सूत्रों की मदद से आरोपी की गतिविधियों का पता लगाया। 24 फरवरी 2026 को घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। न्यायालय में पेश, पूछताछ जारी गिरफ्तार आरोपी को विधिवत न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब इस मामले में जुड़े अन्य संभावित आरोपियों और तस्करी नेटवर्क की भी जांच कर रही है। माना जा रहा है कि आरोपी अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़ा हो सकता है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका। इस बड़ी कार्रवाई में थाना ब्यौहारी के निरीक्षक एवं थाना प्रभारी जियालाल हक के नेतृत्व में स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम में उप निरीक्षक बालकरण प्रजापति, प्रधान आरक्षक हीरा सिंह और आरक्षक गंगा सागर गुप्ता सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम की सराहना की है। जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर पुलिस की यह कार्रवाई एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। तीन वर्ष बाद फरार आरोपी की गिरफ्तारी से स्पष्ट है कि पुलिस ऐसे मामलों में लंबी और सतत कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटती। यह कार्रवाई मादक पदार्थ तस्करों के लिए कड़ा संदेश।
