रेत कारोबार में बड़ा खेल! 200 फीट के नाम पर 130 फीट रेत, ट्रॉली में ‘गुप्त कटौती’ से नगरवासियों से खुली लूट
Junaid khan - शहडोल। जिले में इन दिनों रेत कारोबार को लेकर गंभीर अनियमितताओं और खुलेआम लूट के आरोप सामने आ रहे हैं। घर-मकान निर्माण कराने वाले नागरिकों का कहना है कि रेत व्यापारी 200 फीट रेत का सौदा करके मात्र 130 से 140 फीट ही रेत दे रहे हैं। ट्रॉली के अंदर तकनीकी हेरफेर कर आम लोगों को चूना लगाया जा रहा है,जबकि पूरा भुगतान वसूला जा रहा है।
ट्रॉली में ‘गुप्त कटौती’ का खेल
सूत्रों के अनुसार कई ट्रैक्टर-ट्रॉली में नीचे बॉडी के फर्श में लोहे के एंगल और चद्दर लगाकर अंदर की ऊंचाई 8 से 10 इंच तक कम कर दी गई है। बाहर से ट्रॉली का नाप सामान्य दिखाई देता है,लेकिन अंदर रेत भरने की क्षमता कम कर दी जाती है।
इतना ही नहीं, ट्रॉली को पूरी तरह बॉडी लेवल तक भी नहीं भरा जाता औसतन 3 से 4 इंच नीचे तक ही रेत डाली जाती है। इस तरह एक ट्रॉली में 20 से 30 प्रतिशत तक रेत कम दी जा रही है।
ऐसे करें खुद जांच
जानकारों का कहना है कि रेत खाली कराने के बाद ट्रॉली की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई का नाप लेकर तीनों का गुणा करें। इससे वास्तविक घनफुट (क्यूबिक फीट) का आंकड़ा सामने आ जाएगा। इससे साफ पता चल जाएगा कि कितनी रेत दी गई है और कितना पैसा अधिक वसूला गया।
बिना नंबर की गाड़ियां, ओवरलोड ट्रॉली और पुलिस सुरक्षा के आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले में बिना नंबर प्लेट की गाड़ियां भी रेत ढो रही हैं। कई ट्रॉली ओवरलोड होकर खुलेआम थानों के सामने से गुजर रही हैं।
चर्चा यह भी है कि कुछ मामलों में रेत से भरी गाड़ियों के आगे-पीछे अन्य वाहन चलते हैं, जिससे उन्हें किसी कार्रवाई का डर नहीं रहता। यह सवाल उठ रहा है कि यदि यह सब खुलेआम हो रहा है तो प्रशासन की निगरानी कहां है?
क्या बिना वैध ठेके के रेत
परिवहन संभव है? यदि नहीं, तो यह कारोबार किसके संरक्षण में फल-फूल रहा है? जिला प्रशासन से उठे तीखे सवाल। नगरवासियों का कहना है कि:अवैध रेत डंप स्थलों पर छापामार कार्रवाई हो।
बिना नंबर और ओवरलोड गाड़ियों को तत्काल जब्त किया जाए। ट्रॉली में संरचनात्मक बदलाव करने वाले वाहनों की फिटनेस रद्द की जाए। दोषी व्यापारियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज हो। सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोगों ने खुद माप कर कम रेत मिलने का दावा किया है। आम नागरिकों की अपील। नगरवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि रेत कारोबार की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। क्योंकि निर्माण कार्य कराने वाले आम लोग अपनी जीवन भर की पूंजी लगाकर मकान बनाते हैं, ऐसे में उनके साथ इस तरह की धोखाधड़ी बेहद गंभीर मामला है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह मुद्दा जनआंदोलन का रूप ले सकता है। चेतावनी
जो भी नागरिक रेत खरीद रहे हैं, वे ट्रॉली का नाप अवश्य करें और रसीद लेना न भूलें। जागरूकता ही इस लूट से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।
