चेक बाउंस के दो मामलों में शहडोल निवासी को एक-एक वर्ष की सजा, लाखों का प्रतिकर

चेक बाउंस के दो मामलों में शहडोल निवासी को एक-एक वर्ष की सजा, लाखों का प्रतिकर


Junaid khan - शहडोल। भोपाल राजधानी के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कल्पना कोतवाल के न्यायालय ने चेक बाउंस के दो अलग-अलग प्रकरणों में फैसला सुनाया है। न्यायालय ने शहडोल निवासी मनीष श्रीवास्तव को दोषी करार देते हुए दोनों मामलों में एक-एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, आरोपी पर भारी भरकम प्रतिकर और व्यय राशि भी अधिरोपित की गई है। क्या है पूरा मामला शहडोल के शांतिवन, बुढार रोड वार्ड नंबर 21 निवासी मनीष श्रीवास्तव 56 वर्ष, आत्मज स्वर्गीय सिद्धेश्वरी प्रसाद श्रीवास्तव ने भोपाल निवासी अभय मिश्रा को 5-5 लाख रुपए के दो अलग-अलग चेक जारी किए थे। ये चेक बैंक ऑफ इंडिया, शाखा शहडोल के थे और 14 नवंबर 2018 को देय थे। जब अभय मिश्रा ने इन चेकों को बैंक में प्रस्तुत किया, तो वे बाउंस हो गए। इसके बाद, कानूनी नोटिस का जवाब न मिलने पर अभय मिश्रा ने भोपाल न्यायालय में धारा 138 के तहत परिवाद दायर किया। यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 17 जनवरी 2026 को अपना फैसला सुनाया। प्रथम प्रकरण में 1 वर्ष का सश्रम कारावास व प्रतिकर राशि 8,23,732 रुपए। न्यायालय व्यय 24,500 रुपए तय किया। वहीं दूसरे मामले में भी 1 वर्ष का सश्रम कारावास और प्रतिकर राशि 8,23,116 रुपए और न्यायालय व्यय 24,500 रुपए वसूलने का आदेश दिया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता और विश्वास बनाए रखना आवश्यक है। चेक बाउंस होना न केवल एक दीवानी मामला है, बल्कि यह एक गंभीर आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है।

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