सड़कों पर ‘बेकाबू’ निराश्रित मवेशी आवागमन ठप, हादसों का बढ़ा खतरा

हाका टीम की सुस्ती पर उठे सवाल,बाजार और मुख्य मार्ग बने जोखिम ज़ोन


Junaid khan - शहडोल। शहर में इन दिनों निराश्रित मवेशियों की बढ़ती संख्या आमजन के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है। मुख्य सड़कों, चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्रों में दिनभर मवेशियों की धमाचौकड़ी से यातायात बाधित हो रहा है। हालात यह हैं कि सुबह-शाम के व्यस्त समय में राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर के प्रमुख मार्गों पर मवेशी झुंड बनाकर बैठ जाते हैं, जिससे जाम जैसी स्थिति निर्मित हो जाती है। कई बार ये मवेशी आपस में लड़ते हुए सड़कों के बीच आ जाते हैं, जिससे अचानक वाहन चालक संतुलन खो बैठते हैं और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से खतरनाक साबित हो रही है।

बाजार क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित

सब्जी मंडी और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में मवेशियों का जमावड़ा आम बात हो गई है। व्यापारियों का कहना है कि ग्राहक और दुकानदार दोनों ही इससे परेशान हैं। मवेशियों द्वारा दुकानों के सामने खड़े होकर सब्जियां और सामान नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। कई बार अचानक मवेशी भागने या भिड़ने लगते हैं, जिससे लोग चोटिल हो जाते हैं।

हाका टीम की कार्यप्रणाली पर सवाल

नागरिकों ने नगरपालिका की हाका टीम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि मवेशियों को पकड़कर गौशाला भेजने की प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। टीम की सुस्ती के कारण निराश्रित मवेशी बेखौफ होकर सड़कों पर घूम रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।

प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

शहरवासियों ने नगरपालिका प्रशासन से मांग की है कि हाका टीम को सक्रिय कर नियमित अभियान चलाया जाए। साथ ही निराश्रित मवेशियों के मालिकों पर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि सड़कों पर अव्यवस्था की स्थिति समाप्त हो सके। शहर की सुरक्षा और सुचारू यातायात व्यवस्था के लिए यह आवश्यक है कि प्रशासन इस समस्या को प्राथमिकता से लेकर ठोस और त्वरित कदम उठाए, अन्यथा स्थिति और विकराल रूप ले सकती है।

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