लक्ष्य से पीछे चल रही वसूली पर अधिकारियों की सख्ती,वार्ड प्रभारियों को दिए गए स्पष्ट निर्देश
Junaid khan - शहडोल। वित्तीय वर्ष की समाप्ति नजदीक आते ही धनपुरी नगर पालिका में राजस्व वसूली को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में धनपुरी नगर पालिका सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें राजस्व और जलकर की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष रविंदर कौर छाबड़ा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी पूजा बुनकर, नगर पालिका उपाध्यक्ष तथा विभिन्न विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य मार्च माह के पूर्व निर्धारित राजस्व लक्ष्य को हासिल करना रहा। अधिकारियों ने स्वीकार किया कि बीते कुछ समय में वसूली की रफ्तार में सुधार तो हुआ है, लेकिन निर्धारित लक्ष्य की तुलना में नगर पालिका अब भी काफी पीछे चल रही है। बड़ी संख्या में करदाता बकाया राशि जमा नहीं कर पाए हैं, जिससे राजस्व संग्रह प्रभावित हो रहा है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन स्तर से राजस्व वसूली को लेकर सख्त निर्देश प्राप्त हुए हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने सभी वार्ड प्रभारियों को उनकी जिम्मेदारियों का स्मरण कराते हुए निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ाएं और बकायेदारों से संपर्क कर शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराएं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि वसूली कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही पाई गई तो संबंधित जिम्मेदार कर्मचारियों पर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि अभियान के तहत घर-घर संपर्क, नोटिस जारी करने और जनजागरूकता के माध्यम से करदाताओं को समय पर भुगतान के लिए प्रेरित किया जाएगा।
बैठक में जलकर फाया की स्थिति की भी समीक्षा की गई और स्पष्ट किया गया कि नगर के विकास कार्यों की निरंतरता के लिए राजस्व संग्रह अत्यंत आवश्यक है। सड़कों, स्वच्छता, जलापूर्ति और अन्य मूलभूत सुविधाओं के संचालन के लिए नियमित आय सुनिश्चित करना नगर पालिका की प्राथमिकता है। अध्यक्ष रविंदर कौर छाबड़ा ने भी सभी कर्मचारियों से समन्वय बनाकर कार्य करने की अपील की और कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे समय पर अपने करों का भुगतान कर नगर विकास में सहयोग करें। नगर पालिका प्रशासन ने संकेत दिया है कि आगामी दिनों में राजस्व वसूली अभियान को और अधिक प्रभावी रूप से चलाया जाएगा, ताकि वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले लक्ष्य की पूर्ति की जा सके।
