शहडोल संभाग में भू-माफिया के खिलाफ फूटा गुस्सा, गरीबों को शराब पिलाकर कराए जा रहे अवैध सौदे का आरोप
Junaid khan - शहडोल। आदिवासी बाहुल्य शहडोल संभाग में एक बार फिर जमीन कब्जे का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम नरसरहा, तहसील सोहागपुर निवासी एक आदिवासी परिवार ने स्थानीय व्यक्ति मनोज तांगड़ी पर आदिवासियों की पुश्तैनी जमीन को अवैध तरीके से बेचने और कब्जा करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पीड़ित ने इस मामले में उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला तो वह आत्मदाह करने को विवश होगा। शिकायतकर्ता जवाहर सिंह गोंड ने आरोप लगाया है कि मनोज तांगड़ी और उसके सहयोगी आदिवासियों की जमीन को धोखे से अपने नाम कराकर प्लॉटिंग कर बेचने में लगे हैं। आरोप है कि गरीब आदिवासियों को शराब पिलाकर और लालच देकर अवैध सौदे कराए जा रहे हैं। यहां तक कि भूमि स्वामी की पुरानी जमीन को भी खुर्द-बुर्द कर प्लॉटिंग कर दी गई है।
धमकी और गाली-गलौज का आरोप
पीड़ित का कहना है कि विरोध करने पर आरोपियों द्वारा खुलेआम धमकी दी जा रही है। जहां शिकायत करना है कर लो, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपित द्वारा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया जा रहा है और जमीन पर जाने से रोका जा रहा है।
पहले भी दी गई थी शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई
जवाहर सिंह ने बताया कि उन्होंने 21 जनवरी 2026 को हरिजन/आदिवासी कल्याण प्रकोष्ठ में आवेदन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। कार्रवाई के अभाव में आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और वे लगातार जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर तत्काल प्रभाव से अवैध प्लॉटिंग और जमीन के सौदों पर रोक लगाई जाए तथा आदिवासी परिवारों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
शहडोल जैसे आदिवासी बहुल संभाग में यदि इस प्रकार जमीनों पर अवैध कब्जे और दबंगई के मामले सामने आते हैं, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है।

