रमज़ान से जुड़े सवाल और जवाब-मोहम्मद तौफीक़ अहमद मिस्बाही
Junaid Khan - शहडोल। सवाल नम्बर - क्या रोज़ा की नीयत रात में ही करना ज़रूरी है अगर किसी ने दस बजे दिन तक कुछ खाया पिया नहीं और उस वक्त रोज़ा की नीयत कर ली तो उसका रोज़ा होगा या नहीं। जवाब - अदाएं रमज़ान का रोज़ा और नज़रे मुअय्यन , नफ़ली रोज़ा की नीयत रात से करना ज़रूरी नहीं अगर ज़हवये कुबरा यानि दोपहर से पहले नीयत कर ली तब भी ये रोज़े हो जायेंगे और इन तीन रोजों के अलावा कजाये रमज़ान ,नज़रे गैर मुअय्यन,और नफ़ल की कजा वगैरह के रोजों की नीयत ऐने उजाला शुरू होने के वक्त या रात में करना ज़रूरी है। इन में से किसी रोज़ा की नीयत अगर दस बजे दिन में की तो वह रोज़ा न हुआ। (फ़तावा फ़ैज़ुर्रसूल दूसरी जिल्द) सवाल नम्बर - रोज़े की हालत में किसी ज़रूरत मंद को खून देना कैसा है। जवाब - रोजे की हालत में किसी जरूरतमंद मरीज को खून देना जायज है इसी तरह ब्लड टेस्ट के लिए भी ब्लड निकलवाना जायज है हां इतना ज्यादा ना निकल जाए कि रोज की ताकत ना रहे। सवाल नम्बर - क्या रोज़े की हालत में इंजेक्शन लगवा सकते हैं। जवाब - इस मसले के बारे मे तहकीक ये है इंजेक्शन से रोज़ा नहीं टूटता चाहे रग में लगाया जाए या नहीं चाहे गोश्त में। सवाल नम्बर - क्या नज़ला और जुखाम की सूरत में विक्स लगा सकते है। जवाब - विक्स एक किस्म का केमिकल होता उसे जब नाक के नथुनों के अन्दर लगाते हैं तो केमिकल के कुछ हिस्सा हलक के रास्ते से अन्दर जाते है लिहाज़ा इस से रोज़ा टूट जाएगा। अलबत्ता ऐसे विक्स जो सर दर्द की सूरत में पेशानी पर लगाए जाते हैं या बदन के किसी और हिस्सा में दर्द उस पर लगाए जाते हैं उस से रोज़ा फासिद नहीं होता।
