नए दांपत्य जीवन में पार्षद सिल्लू रजक ने सपत्नीक किया गौ-पूजन एवं मातारानी के किये दर्शन
Junaid khan - शहडोल। समाजसेवी एवं वार्ड 19 के पार्षद सिल्लू रजक दिनांक 05 फरवरी को रायपुर में वधू आँचल के साथ वैवाहिक गठबंधन बंधे। अपने निज निवास पहुँचकर अपने नए दांपत्य जीवन की शुरुआत में पार्षद सपत्नीक नंदी गौसेवा धाम-पांडवनगर पहुँचकर गौ-पूजन किया, गौमाता को तिलक लगाकर सुखी दाम्पत्य जीवन के लिए वंदना की। विराटेश्वरी मंदिर में आदिशक्ति दुर्गा माँ की आराधना कर फल-प्रसाद का भोग लगाते हुये सफल और सुखी दाम्पत्य जीवन के लिए आशीर्वाद माँगा। नव वर-वधू ने कहा कि सनातन हिंदू धर्म में दर्शन न केवल हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव है, बल्कि यह एक सुखी और समृद्ध भविष्य की नींव भी है। पार्षद सिल्लू रजक तथा ग्रृहलक्ष्मी आँचल ने पूरे मनोभाव से गौपूजन कर बताया कि गौशाला में गौपूजन स्नेह और समृद्धि का आधार है। सनातन परंपरा में गाय को 'गौमाता' का दर्जा प्राप्त है, जिसमें 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास माना जाता है। नए जोड़े के लिए गौ पूजन एवं गौ सेवा से मन में दया, करुणा और निस्वार्थ प्रेम की भावना जाग्रत होती है, जो वैवाहिक सामंजस्य के लिए अनिवार्य है। मान्यता है कि गौ पूजन से घर के वास्तु दोष दूर होते हैं और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। विवाह के उपरांत देवी मंदिर में दर्शन और पूजन से अखंड सौभाग्य और पति की लंबी आयु का आशीर्वाद मिलता है। देवी की आराधना वैवाहिक मार्ग में आने वाली सभी बाधाओं और कष्टों को दूर करने में सहायक मानी जाती है। नव दाम्पत्य जीवन में प्रवेश करने पर पारिवारिक सदस्यों ने आशीर्वाद और शुभकामनाएँ दी। सभी ईष्टमित्रो एवं उपस्थित स्नेहीजनो ने बधाई तथा अनेक हार्दिक शुभकामनाएँ प्रदान की।

