नवाचार की ओर बड़ा कदम, वार्ड-1 से शुरू हुआ जीआईएस सर्वे, पूरे शहर में लागू होगी स्मार्ट व्यवस्था
Junaid khan - शहडोल। शहर को डिजिटल और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में नगर पालिका ने एक अहम पहल शुरू की है। अब शहर के प्रत्येक घर, दुकान और संस्थान को एक डिजिटल यूनिक नंबर प्लेट प्रदान की जाएगी, जिसे मकानों के बाहर लगाया जाएगा। इस प्लेट पर क्यूआर कोड अंकित रहेगा, जिसे स्कैन करते ही संबंधित संपत्ति की मूलभूत जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएगी। नगर पालिका द्वारा यह कार्य जीआईएस (जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम) आधारित सर्वे के माध्यम से किया जा रहा है। फिलहाल वार्ड क्रमांक-1 में सर्वे की शुरुआत हो चुकी है और सफल क्रियान्वयन के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे शहर में लागू किया जाएगा।
क्या होगा इस डिजिटल नंबर प्लेट का लाभ?
डिजिटल नंबर प्लेट लगने से प्रत्येक भवन की एक विशिष्ट पहचान तय हो जाएगी। इससे संपत्ति कर, जल कर, स्वच्छता कर और अन्य नगरीय करों की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी। नागरिक अपने घर या दुकान से ही क्यूआर कोड स्कैन कर संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे नगर पालिका कार्यालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
संपत्ति संबंधी डेटा होगा एक क्लिक पर उपलब्ध
नई प्रणाली के तहत संपत्तियों का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल फॉर्मेट में सुरक्षित किया जाएगा। किस संपत्ति पर कितना कर निर्धारित है, कितना भुगतान हो चुका है और कितना बकाया है। इन सभी जानकारियों को पारदर्शी रूप से दर्ज किया जाएगा। इससे राजस्व वसूली में पारदर्शिता आएगी और अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा।
नागरिकों को मिलेगा स्मार्ट सिटी जैसा अनुभव
नगर पालिका का कहना है कि इस पहल से शहर की व्यवस्थाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी। डिजिटल पहचान के माध्यम से भविष्य में शहरी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सुविधा होगी। किसी भी आपात स्थिति में मकानों की पहचान करना आसान होगा और सेवाओं की डिलीवरी तेज़ हो सकेगी।
निजी एजेंसी को सौंपी गई जिम्मेदारी
सर्वे और डेटा संकलन का कार्य एक अधिकृत एजेंसी के माध्यम से किया जा रहा है। सर्वे टीम घर-घर जाकर आवश्यक विवरण एकत्रित कर रही है। नगर पालिका ने नागरिकों से अपील की है कि सर्वे टीम को सही जानकारी प्रदान करें, ताकि योजना का लाभ सभी तक पहुंच सके।
शहर बनेगा ‘डिजिटल और क्लीन सिटी
यह पहल शहर को डिजिटल ट्रैकिंग और स्मार्ट प्रशासन की ओर ले जाने वाला महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में नगर पालिका की अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे पारदर्शिता, सुगमता और जवाबदेही में वृद्धि होगी। नगर पालिका के इस निर्णय को शहर के विकास की दिशा में एक सकारात्मक और दूरदर्शी प्रयास माना जा रहा है। यदि योजना सफल रहती है तो शहर की पहचान एक डिजिटल और स्मार्ट शहर के रूप में स्थापित हो सकेगी।
