उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज
Junaid khan - शहडोल। (मध्य प्रदेश)। जिले में सामने आए कथित जमीन फर्जीवाड़े के मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। आम आदमी पार्टी ने इस प्रकरण को गंभीर बताते हुए कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपने की घोषणा की है। पार्टी का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्च स्तरीय जांच की मांग करेगा। 32 लाख रुपये के लेन-देन और दस्तावेजी अनियमितता का आरोप शिकायत के अनुसार, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से संबद्ध एक कर्मचारी पर आरोप है कि लगभग 32 लाख रुपये के लेन-देन और दस्तावेजी प्रक्रिया में कथित अनियमितता कर एक आदिवासी नागरिक की भूमि का हस्तांतरण कराया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्हें भ्रमित कर कागजात तैयार कराए गए और बाद में भूमि स्वामित्व परिवर्तन की जानकारी मिली। बताया गया है कि संबंधित थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है तथा उपलब्ध दस्तावेज़ों और बैंक लेन-देन के रिकॉर्ड को जांच एजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की बात कही गई है।
आरोप जांच के अधीन, सत्य सामने आना चाहिए
पार्टी पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लगाए गए आरोप शिकायत के आधार पर हैं और अंतिम सत्य जांच के बाद ही सामने आएगा। हालांकि, यदि जांच में कथित अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं तो संबंधित व्यक्ति या व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
पीड़ित परिवार की सुरक्षा और समयबद्ध जांच की मांग
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया जाएगा कि कथित पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए और जांच प्रक्रिया को समयबद्ध व पारदर्शी रखा जाए। पार्टी का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में आम नागरिक की शिकायतों को गंभीरता से लेना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। आम आदमी पार्टी, मध्य प्रदेश के प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पार्टी संवैधानिक दायरे में रहकर न्याय की मांग कर रही है और प्रशासन से निष्पक्ष व ठोस कार्रवाई की अपेक्षा करती है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में किस स्तर की जांच बैठाता है और आरोपों की सच्चाई क्या सामने आती है। फिलहाल, इस प्रकरण ने जिले में जमीन संबंधी लेन-देन और दस्तावेजी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
