रामपुर बटुरा खुली खदान परियोजना को लेकर कलेक्टर की बैठक, किसानों ने 16 मार्च से खदान बंद करने की दी चेतावनी
Junaid Khan - शहडोल। रामपुर बटुरा खुली खदान परियोजना से प्रभावित किसानों की मांगों को लेकर शुक्रवार को कलेक्टर डॉ. केदार सिंह की अध्यक्षता में एसईसीएल सुहागपुर-धनपुरी एरिया के गेस्ट हाउस में बैठक आयोजित की गई। बैठक में बुढार तहसीलदार सुमित गुर्जर, एसईसीएल सुहागपुर एरिया के महाप्रबंधक बी.के. जेना, मुख्यालय बिलासपुर से पहुंचे महाप्रबंधक (राजस्व) बी.के. लाल, कार्मिक विभाग के अधिकारी चावड़ा सहित सुहागपुर एरिया के विभिन्न विभागों के प्रमुख उपस्थित रहे। बैठक में परियोजना से प्रभावित किसानों की समस्याओं और मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। सामाजिक कार्यकर्ता एवं कृषक भूपेश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि रामपुर बटुरा खुली खदान परियोजना से प्रभावित क्षेत्र के कई ग्राम पंचायतों के सरपंच, उपसरपंच, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बैठक में शामिल हुए। इनमें जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांति मनमोहन चौधरी, जनपद सदस्य चंद्रकुमार तिवारी, सांसद प्रतिनिधि राजकमल मिश्रा, किसान नेता आदित्य त्रिपाठी, पत्रकार ओमप्रकाश द्विवेदी, पूर्व जनपद सदस्य राजबहोर चंद्र, सामाजिक कार्यकर्ता अखिलेश त्रिपाठी सहित आसपास के कई गांवों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने रोजगार और मुआवजे के मुद्दे पर चर्चा करते हुए अधिकारियों से नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित हुई है, उन्हें समय पर नौकरी और उचित मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी लंबी अवधि के बाद भी किसानों की समस्याओं का समाधान क्यों नहीं हो पाया। कलेक्टर ने यह भी कहा कि यदि आवश्यक हो तो संबंधित कानून और बोर्ड के प्रावधानों में संशोधन कर किसानों के हित में कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने एसईसीएल अधिकारियों से कहा कि बिलासपुर मुख्यालय में जब भी इस विषय पर बोर्ड की बैठक हो, उन्हें भी आमंत्रित किया जाए ताकि वे किसानों के हित में अपने सुझाव रख सकें। साथ ही उन्होंने सभी प्रभावित गांवों के मकानों और जमीन का मुआवजा शीघ्र भुगतान करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान किसानों की ओर से प्रस्तुत जानकारी पर आपत्ति भी जताई गई। सामाजिक कार्यकर्ता भूपेश शर्मा ने कहा कि अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी पूरी तरह स्पष्ट और न्यायसंगत नहीं है तथा इससे कलेक्टर को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो 16 मार्च 2026 से रामपुर बटुरा खुली खदान का संपूर्ण कार्य बंद कर दिया जाएगा। वहीं पूर्व एसडीएम एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश सिंह ने कहा कि केवल औपचारिक बैठक से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में ठोस निर्णय लिए जाने चाहिए, अन्यथा आंदोलन तेज किया जाएगा।
जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांति मनमोहन चौधरी ने भी किसानों का समर्थन करते हुए कहा कि यह किसानों के अधिकारों की लड़ाई है और जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि 16 मार्च से खदान बंद करने का निर्णय किसानों द्वारा लिया गया है। बैठक में किसान नेता आदित्य त्रिपाठी, सांसद प्रतिनिधि राजकमल मिश्रा, पत्रकार ओमप्रकाश द्विवेदी और जनपद सदस्य चंद्रकुमार तिवारी सहित कई ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखते हुए समाधान की मांग की। बैठक के अंत में यह निर्णय लिया गया कि प्रभावित गांवों के मुद्दों पर आगे भी चर्चा की जाएगी तथा किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

