पीएमश्री स्कूल बुड़वा में अतिथि शिक्षक विवाद

पोर्टल से नाम हटाने पर साजिश और रिश्वत मांगने का आरोप 

डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल तक पहुंची मामले की शिकायत


Junaid Khan - शहडोल। जिले के ब्योहारी क्षेत्रांतर्गत संचालित पीएमश्री कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बुड़वा में रसायन शास्त्र वर्ग 1 के अतिथि शिक्षक पद पर पदस्थ धीरेन्द्र द्विवेदी का नाम इस स्कूल के ही कुछ शिक्षकों द्वारा अतिथि शिक्षक पोर्टल से छेड़छाड़ कर धीरेन्द्र द्विवेदी का नाम पोर्टल से हटाये जाने का सनसनीखेज एवं निंदनीय मामला प्रकाश में आया है। साथ ही अतिथि शिक्षक भर्ती में झूठी शिकायतों के आधार पर जांच अधिकारी सांदीपनि स्कूल मऊ के प्राचार्य प्रेमलाल मिश्रा द्वारा तथ्यों का बिना परीक्षण किये भ्रामक जांच प्रतिवेदन भेजकर मानसिक तौर पर प्रताडि़त करने तथा प्रतिष्ठा को आघात पहुंचाने व मानहानि करने का आरोप भी धीरेन्द्र द्विवेदी द्वारा प्रेमलाल मिश्रा पर लगाया गया है। धीरेन्द्र द्विवेदी ने इस मामले की लिखित शिकायत शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल, आयुक्त लोक शिक्षण भोपाल, संभागायुक्त शहडोल, संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग शहडोल, शहडोल अपर कलेक्टर सरोधन सिंह तथा ब्योहारी एसडीएम भागीरथी लहरे से की है। धीरेन्द्र द्विवेदी ने मांग की है कि मेरा नाम तत्काल पोर्टल में जुड़वाकर इस मामले के दोषी उल्लेखनीय जनों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाये। अन्यथा पोर्टल में नाम जुडऩे में विलंब की उत्तरदायी परिस्थितियों या मेरे किसी भी तरह के नुकसान के हर्जे- खर्चे की समस्त जिम्मेदारी उल्लेखित जनों (कमलेश प्रसाद बैस, भुवनेश्वर प्रसाद बैस एवं द्वारिका सोनी तथा प्रेमलाल मिश्रा ) की होगी। जिनके खिलाफ रिश्वत मांगने, धमकी देने, मानसिक रूप से प्रताडि़त करने तथा जातीय वर्ग संघर्ष का षडय़ंत्र रचने के दृष्टिगत तत्काल विधिक कार्यवाही भी सुनिश्चित की जायेगी। साथ ही आवश्यकता पडऩे पर कमलेश प्रसाद बैस, भुवनेश्वर प्रसाद बैस एवं द्वारिका सोनी तथा प्रेमलाल मिश्रा के खिलाफ पुलिस केस भी किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि धीरेन्द्र द्विवेदी पीएमश्री कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बुड़वा (क्षेत्र ब्योहारी, जिला शहडोल) में अतिथि शिक्षक वर्ग 1 रसायन शास्त्र के पद पर कार्यरत हैं। श्री द्विवेदी दक्ष, अनुभवी एवं योग्य अतिथि शिक्षक हैं। वह शहडोल जिले के ब्योहारी क्षेत्र के कई विद्यालयों में पिछले करीब 15 वर्षों से सेवाएं देते आये हैं। जिनके विषयों का परीक्षा परिणाम हमेशा उत्कृष्ट रहा है तथा दौरों एवं निरीक्षण के दौरान संभाग, जिला स्तर तक के अधिकारियों द्वारा धीरेन्द्र द्विवेदी के अध्यापन कार्य की तारीफ की जाती रही है। धीरेन्द्र द्विवेदी ने लिखित शिकायत में बताया है कि पीएमश्री कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बुड़वा में मेरी ऑनलाइन भर्ती वर्ग 2 में हुई थी। वहीं वर्ग 1 में रसायन शास्त्र के पद पर शीला पांडे (रीवा )की भर्ती की गई थी। विगत नवंबर माह के अंत में शीला पांडे द्वारा स्वेच्छा से नौकरी छोड़ दी गई। जिस पर छात्राओं को रसायन शास्त्र पढ़ाने वाला कोई नहीं था तथा उनका कोर्स पिछड़ रहा था तथा पोर्टल बंद था। तब विद्यालय के प्राचार्य द्वारा मुझसे कहा गया कि आप वर्ग 2 में अपनी कक्षाओं में पढ़ाने के अलावा वर्ग 1 में रसायन शास्त्र भी पढ़ाइये। जब पोर्टल खुलेगा तो आपके अनुभव और योग्यता के आधार पर आपकी भर्ती छात्र हितों के दृष्टिगत वर्ग 1 में कर ली जायेगी। इसके बाद मेरे द्वारा वर्ग 1 में केमिस्ट्री विषय पढ़ाया जाने लगा, इसके बाद पोर्टल खुलने पर प्राचार्य द्वारा मेरी भर्ती वर्ग 1 में की गई तथा वर्ग 1 का मेरा मानदेय भी 2 बार भुगतान हो चुका है। विद्यालय के शिक्षक कमलेश प्रसाद बैस, भुवनेश्वर प्रसाद बैस एवं द्वारिका सोनी द्वारा मुझसे बार- बार पैसे की मांग की जा रही थी तथा कहा जा रहा था कि आपका प्रमोशन वर्ग 2 से वर्ग 1 में हो गया है तो कुछ खर्चा दीजिये नहीं तो आपको पहले वर्ग 2 से हटाया गया है तथा अब वर्ग 1 से भी हटा देंगे। साथ में गांव वालों से आपके खिलाफ शिकायत भी कराएंगे। खर्च (रिश्वत) की व्यवस्था नहीं होने के कारण उनके द्वाराह्यह्य फिर मेरे खिलाफ शिकायत कराई भी गई और षडय़ंत्रपूर्वक संादीपनि विद्यालय मऊ के प्राचार्य प्राचार्य प्रेमलाल मिश्रा के द्वारा द्वेष भावना से प्रेरित प्रतिवेदन बनवाया गया। प्रेमलाल मिश्रा द्वारा न तो मुझे कोई जानकारी दी गई और न ही वह विद्यालय जांच करने गया और द्वेषभावना से झूठा प्रतिवेदन दे दिया। प्रेमलाल मिश्रा द्वारा छात्र जीवन से मुझसे द्वेष भावना रखता था। मैं कल तक विद्यालय में उपस्थित था, मेरी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज है तथा मैंने रजिस्टर में हस्ताक्षर भी किया है। आज 12 मार्च को जब मैं समय से विद्यालय पहुंचा तो मेरी अटेंडेंस नहीं लग रही थी। प्राचार्य जी विद्यालय में नहीं थे। जब मैं रजिस्टर में हस्ताक्षर करने गया तो कमलेश बैस द्वारा मुझसे कहा गया कि आप रजिस्टर में हस्ताक्षर नहीं कर सकते, आपका नाम पोर्टल से हटा दिया गया है। मैंने इस बारे में प्राचार्य को बताया तो उन्होंने कहा कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, आज मैं शहडोल जा रहा हूं। कल में आपको लेकर स्कूल चलूंगा तब उसको देखेंगे। इसके बाद मैंने ब्योहारी पहुंचकर इसकी जानकारी बीईओ ब्रह्मानंद श्रीवास्तव को दी तो उन्होंने कहा कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, आप शहडोल चले जाइये। तो इस तरह साजिश- षडय़ंत्र के तहत मेरी नियुक्ति के खिलाफ झूठी शिकायतों और पोर्टल से मेरा नाम हटाने का षडय़ंत्र रचा गया है। ऐसे में मेरा नाम तत्काल पोर्टल में जुड़वाकर इस मामले के दोषी उल्लेखनीय जनों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाये। अन्यथा पोर्टल में नाम जुडऩे में विलंब की उत्तरदायी परिस्थितियों या मेरे किसी भी तरह के नुकसान के हर्जे- खर्चे की समस्त जिम्मेदारी उल्लेखित जनों (कमलेश प्रसाद बैस, भुवनेश्वर प्रसाद बैस एवं द्वारिका सोनी तथा प्रेमलाल मिश्रा ) की होगी। जिनके खिलाफ रिश्वत मांगने, धमकी देने, मानसिक रूप से प्रताडि़त करने तथा जातीय वर्ग संघर्ष का षडय़ंत्र रचने के दृष्टिगत तत्काल विधिक कार्यवाही भी सुनिश्चित की जायेगी। 

इनका कहना है

अतिथि शिक्षकों की भर्ती स्कूलों के प्राचार्य करते हैं, हमने इस नियुक्ति से संबंधित सभी दस्तावेज मंगाये हैं। धीरेन्द्र द्विवेदी की नियुक्ति मामले के जांच अधिकारी प्रेमलाल मिश्रा द्वारा अगर विद्वेषपूर्ण और भ्रामक जांच प्रतिवेदन भेजा गया है तो हम इस मामले की दूसरे अधिकारी से पुन: जांच कराएंगे तथा प्रेमलाल मिश्रा पर कार्यवाही करेंगे। धीरेन्द्र द्विवेदी का नाम अतिथि शिक्षक पोर्टल से गलत तरीके से हटाया गया है तो जिन लोगों ने यह साजिश- षडय़ंत्र किया होगा, उनके खिलाफ सख्त ऐक्शन लिया जायेगा। 

उमेश धुर्वे, संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग, शहडोल

मैं आज विभागीय काम से शहडोल जा रहा हूं। अतिथि शिक्षक पोर्टल से छेड़छाड़ कर धीरेन्द्र द्विवेदी का नाम किसने हटाया है, इसका पता लगाऊंगा। कल मैं स्कूल जाऊंगा तो पूरे मामले को देखा जायेगा। 

बैजनाथ कोल, प्राचार्य, पीएमश्री कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बुड़वा

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