जयसिंहनगर के मांझीटोला मोहनी हाईस्कूल का मामला,एक अतिथि शिक्षक हटाया गया, दूसरे को नोटिस
Junaid Khan - शहडोल। शिक्षा व्यवस्था की साख पर सवाल खड़ा करने वाला एक मामला जयसिंहनगर विकासखंड के एकीकृत शासकीय हाईस्कूल मांझीटोला मोहनी से सामने आया है। यहां कक्षा 9वीं की गृह परीक्षा के दौरान छात्रों को खुलेआम नकल कराए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में ब्लैकबोर्ड पर प्रश्नों के उत्तर लिखकर छात्रों को सामूहिक रूप से नकल कराते हुए दिखाया जा रहा है, जिससे पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह मामला 6 मार्च को आयोजित कक्षा 9वीं की हिंदी विषय की गृह परीक्षा का है। परीक्षा के दौरान कक्षा में मौजूद शिक्षक स्वयं ब्लैकबोर्ड पर प्रश्नों के उत्तर लिखते नजर आए, जिन्हें देखकर छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाओं में उतारते रहे। इस दौरान कक्षा में मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित स्कूल प्रबंधन से जवाब-तलब किया गया है और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में संकुल प्राचार्य राजीव तिवारी ने बताया कि विद्यालय में दो अतिथि शिक्षक पदस्थ हैं और दोनों के बीच आपसी विवाद चल रहा है। आशंका जताई जा रही है कि आपसी रंजिश के चलते एक शिक्षक को नकल कराते हुए दूसरे शिक्षक ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। हालांकि वीडियो सामने आने के बाद विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है। प्राथमिक जांच के आधार पर शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए एक अतिथि शिक्षक को हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं, जबकि दूसरे शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभाग द्वारा पूरे मामले की विस्तृत जांच भी कराई जा रही है। वहीं जयसिंहनगर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) राजेंद्र तिवारी ने बताया कि नकल प्रकरण की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त हुई है। मामले की जांच कराई जा रही है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस प्रकार खुलेआम नकल कराई जाएगी तो छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने शिक्षा विभाग से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
