जिला अस्पताल शहडोल के आईसीसीयू में डॉक्टरों की तत्परता से धड़कने लगा बंद पड़ा दिल,परिजनों ने जताया आभार
Junaid Khan - शहडोल। 11 मार्च 2026 को जिला चिकित्सालय शहडोल में डॉक्टरों की तत्परता और कुशल उपचार से एक महिला मरीज को मौत के मुंह से वापस लाने का सफल मामला सामने आया है। गंभीर हालत में भर्ती कराई गई महिला को समय रहते आईसीसीयू में उपचार देकर डॉक्टरों की टीम ने नई जिंदगी दे दी। जानकारी के अनुसार उमरिया जिले के ग्राम अमलिहा पाली निवासी टप्पू बाई यादव को अत्यंत गंभीर स्थिति में जिला चिकित्सालय शहडोल लाया गया था। महिला को पहले फीमेल वार्ड में भर्ती किया गया, जहां उसका ब्लड प्रेशर तक रिकॉर्ड नहीं हो पा रहा था और स्वास्थ्य लगातार बिगड़ता जा रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. अब्दुल वसीम खान ने तत्काल निर्णय लेते हुए मरीज को आईसीसीयू में शिफ्ट कराया। सिविल सर्जन डॉ. शिल्फी सराफ ने बताया कि मरीज की विभिन्न जांचें कराई गईं, जिनमें पता चला कि वह गंभीर हृदय रोग से ग्रसित है और उसकी हालत अत्यंत नाजुक थी। मरीज की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों की टीम ने परिजनों को पूरी जानकारी देते हुए लिखित सहमति प्राप्त की और तत्काल आपातकालीन उपचार शुरू किया। उपचार के दौरान मरीज का दिल लगभग बंद होने की स्थिति में पहुंच गया था। ऐसे में चिकित्सा प्रोटोकॉल के तहत डिफिब्रिलेटर मशीन से 120 जूल का इलेक्ट्रिक शॉक दिया गया तथा सभी आवश्यक आपातकालीन दवाएं दी गईं। डॉक्टरों के त्वरित प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया और कुछ ही क्षणों बाद मरीज के दिल की धड़कन दोबारा शुरू हो गई। वर्तमान में टप्पू बाई यादव को जिला चिकित्सालय के आईसीयू के बेड नंबर-3 में भर्ती कर डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है, जहां उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। इस सफल उपचार के बाद मरीज के परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त किया है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यह घटना जिला चिकित्सालय शहडोल में उपलब्ध आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और डॉक्टरों की तत्परता का उदाहरण है, जहां समय पर सही उपचार देकर एक गंभीर मरीज को नई जिंदगी दी गई।
