लाखों की लागत से बना आई लव शहडोल सेल्फी प्वाइंट उपेक्षा का शिकार,टूटी लाइटें और फैली गंदगी से बिगड़ी शहर की छवि
Junaid Khan - शहडोल। जिस स्थान को शहर की नई पहचान बनाने और युवाओं के आकर्षण का केंद्र बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया था, वही आज उपेक्षा और अव्यवस्था का जीता-जागता उदाहरण बन चुका है। लल्लू सिंह चौक स्थित “आई लव शहडोल” सेल्फी प्वाइंट, जो कभी शाम ढलते ही रंगीन रोशनी और रौनक से जगमगाता था, आज अंधेरे और बदहाली में डूबा हुआ नजर आ रहा है।
कभी था आकर्षण का केंद्र,अब वीरानी का आलम
यह सेल्फी प्वाइंट शहर के युवाओं, परिवारों और राहगीरों के लिए खास आकर्षण का केंद्र हुआ करता था। हर दिन दर्जनों लोग यहां तस्वीरें लेते, सोशल मीडिया पर साझा करते और शहर की पहचान को नई ऊंचाई देते थे। लेकिन आज वही स्थान वीरान पड़ा है, जहां न रौनक बची है और न ही सुरक्षा का एहसास।
टूटी संरचना और बंद पड़ी लाइटिंग
स्थल पर लगे “आई लव शहडोल” के अक्षर अब टूट-फूट का शिकार हो चुके हैं। कई जगहों पर लाइटें बंद हैं, जिससे पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूबा रहता है। आसपास फैली गंदगी और कचरे का अंबार इस जगह की हालत को और भी बदतर बना रहा है।
नगर पालिका की अनदेखी पर उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर पालिका की लापरवाही के चलते यह स्थान धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील हो रहा है। नियमित साफ-सफाई, रखरखाव और सुरक्षा की कोई ठोस व्यवस्था यहां नजर नहीं आती। लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए इस सेल्फी प्वाइंट की ऐसी दुर्दशा प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करती है।
शहर की छवि पर पड़ रहा नकारात्मक असर
यह सेल्फी प्वाइंट शहडोल की पहचान के रूप में विकसित किया गया था, लेकिन इसकी वर्तमान स्थिति शहर की छवि को धूमिल कर रही है। बाहरी आगंतुकों और पर्यटकों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, जिससे शहर की प्रतिष्ठा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नागरिकों की मांग जल्द हो सुधार कार्य
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस महत्वपूर्ण स्थल का तत्काल जीर्णोद्धार कराया जाए। टूटी संरचनाओं की मरम्मत,नई लाइटिंग व्यवस्था, नियमित सफाई और सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि यह स्थान फिर से अपनी पुरानी पहचान और रौनक हासिल कर सके। निष्कर्ष: आई लव शहडोल” सेल्फी प्वाइंट केवल एक संरचना नहीं, बल्कि शहर की पहचान और गौरव का प्रतीक है। यदि समय रहते इसकी सुध नहीं ली गई, तो यह प्रतीक पूरी तरह खत्म हो जाएगा। अब जरूरत है प्रशासन की तत्परता और जिम्मेदारी की, ताकि शहर की यह पहचान फिर से जगमगा सके।
