उपभोक्ता कतारों में बेहाल, एजेंसियों पर उठे सवाल तय कीमत से ज्यादा वसूली के आरोप, प्रशासन ने शुरू की जांच
Junaid Khan - शहडोल। जिले में इन दिनों रसोई गैस को लेकर हालात लगातार बिगड़ते नजर आ रहे हैं। एक ओर उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है, तो दूसरी ओर कालाबाजारी के आरोपों ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने गैस एजेंसियों में आवक, खपत और स्टॉक की जांच के लिए टीम गठित कर दी है। बताया जा रहा है कि घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के सिलेंडरों के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। पिछले एक सप्ताह से जिले में गैस वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। उपभोक्ताओं को पहले एजेंसियों में नंबर लगाने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है, फिर सिलेंडर लेने के लिए तेज धूप में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इसी बीच एक वीडियो सामने आने से पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। वायरल वीडियो में कथित रूप से एक गैस एजेंसी का कर्मचारी गोदाम में एक व्यक्ति को निर्धारित कीमत से अधिक पैसे लेकर सिलेंडर देता हुआ नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि वहां मौजूद एक अन्य उपभोक्ता ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि एक तरफ उन्हें गैस के लिए परेशान होना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग पैसे देकर आसानी से सिलेंडर हासिल कर रहे हैं। इससे पूरी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन की ओर से हालांकि लगातार यह दावा किया जा रहा है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। एजेंसियों और गोदामों के बाहर लगी लंबी कतारें इस दावे को कमजोर करती नजर आ रही हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एसडीएम सोहागपुर के नेतृत्व में टीम गठित की गई है, जिसमें खाद्य विभाग, नापतौल विभाग और संबंधित अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह टीम जिले की सभी गैस एजेंसियों में जाकर सिलेंडरों की आवक, आपूर्ति, स्टॉक और खपत की स्थिति की जांच कर रही है। साथ ही कमर्शियल सिलेंडरों की उपलब्धता और वितरण प्रक्रिया की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार सोहागपुर और बुढ़ार क्षेत्र की गैस एजेंसियों में पिछले दो दिनों से जांच अभियान जारी है। रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उधर, उपभोक्ताओं को ऑनलाइन बुकिंग में भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों का कहना है कि बुकिंग करने के बाद भी ओटीपी संबंधी दिक्कतें आ रही हैं, जिससे सिलेंडर प्राप्त करने में देरी हो रही है। सोमवार को भी कई गैस एजेंसियों में सुबह से ही भारी भीड़ देखने को मिली। लोग पर्ची कटवाने और ई-केवाईसी कराने के लिए एजेंसियों के चक्कर लगाते रहे। इस अव्यवस्था ने आम लोगों की दिनचर्या को भी प्रभावित किया है। इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एक कार्यक्रम में पहुंचे राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव का असर बाजारों पर पड़ रहा है, जिसका प्रभाव गैस जैसी आवश्यक वस्तुओं पर भी देखने को मिल रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय स्तर पर पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। फिलहाल जिले में गैस को लेकर बनी इस स्थिति ने प्रशासन और एजेंसियों दोनों की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच रिपोर्ट के बाद क्या कार्रवाई होती है और उपभोक्ताओं को कब तक इस परेशानी से राहत मिल पाती है।
