पुश्तैनी रास्ते पर विवाद ने पकड़ा तूल, दुर्गा मंदिर और सार्वजनिक मार्ग को लेकर टकराव
प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
Junaid Khan - शहडोल। नगरपालिका क्षेत्र के अंतर्गत पुरानी बस्ती में एक लंबे समय से चला आ रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। वार्ड क्रमांक 27 (नया 36) में रेलवे फाटक से पंचगांव रोड मुख्य मार्ग के बीच स्थित छोटी दुर्गा मंदिर के आसपास का क्षेत्र इन दिनों विवाद का केंद्र बन गया है। वार्डवासियों द्वारा अनुविभागीय दंडाधिकारी, कलेक्टर एवं थाना प्रभारी को दिए गए लिखित आवेदन में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों द्वारा न केवल सार्वजनिक रास्ते को बाधित किया गया बल्कि नगरपालिका द्वारा बनाई गई सीसी रोड तक को उखाड़कर फेंक दिया गया।
पुश्तैनी निवासियों को बताया बाहरी,दी जा रही धमकियां
शिकायत में कहा गया है कि क्षेत्र के निवासी पीढ़ियों से यहां निवास कर रहे हैं, जिनके मकान सैकड़ों वर्षों से मौजूद हैं। बावजूद इसके मनीष कटारे, रोहित कटारे, रज्जू कटारे एवं कुलदीप कटारे द्वारा आए दिन लोगों को धमकाया जा रहा है कि “यह जमीन हमारे बाप-दादा की है, तुम लोगों को यहां रहने का कोई अधिकार नहीं है। आरोप है कि लोगों को जबरन सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया जा रहा है और मना करने पर घर खाली कराने की धमकी दी जा रही है।
सदियों पुरानी एकता पर विवाद की छाया
वार्डवासी बताते हैं कि इस क्षेत्र में सभी धर्म और समुदाय के लोग वर्षों से भाईचारे के साथ रहते आए हैं। त्योहारों में सभी की समान भागीदारी रहती है और कभी भी आपसी विवाद की स्थिति नहीं रही। लेकिन हाल के घटनाक्रम ने इस सौहार्दपूर्ण वातावरण को बिगाड़ दिया है। दुर्गा मंदिर को लेकर भी खड़ा हुआ विवाद शिकायत में उल्लेख किया गया है कि छोटी दुर्गा मंदिर, जो सभी धर्मों की आस्था का प्रतीक है, उसे भी कुछ लोग अपनी निजी संपत्ति बताने लगे हैं। जबकि यह मंदिर वार्डवासियों के पूर्वजों द्वारा सामूहिक सहयोग से निर्मित किया गया था। आरोप है कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे का हिसाब मांगा जाता है और उसे निजी रूप से नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। जब लोगों ने इसका विरोध किया, तो उन्हें सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव डाला गया, जिसे वार्डवासियों ने सिरे से खारिज कर दिया।
सार्वजनिक रास्ते पर कब्जा,
आवाजाही में भारी दिक्कत सबसे गंभीर आरोप यह है कि दुर्गा मंदिर के पास से गुजरने वाले सार्वजनिक रास्ते पर कब्जा कर लिया गया है। नगरपालिका द्वारा बनाए गए सीसी रोड को दिनांक 15/03/2026 को उखाड़ दिया गया। बताया गया है कि अब यह तय किया जा रहा है कि कौन इस रास्ते से गुजर सकता है और कौन नहीं। इससे वार्डवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर तब जब किसी बीमार व्यक्ति या महिला को अस्पताल ले जाना होता है। बारिश में जलभराव और बीमारी का खतरा शिकायत में यह भी बताया गया है कि मंदिर से पानी की टंकी तक जाने वाले रास्ते में हर वर्ष बारिश के दौरान जलभराव की समस्या होती है। इससे बुजुर्गों और बच्चों को भारी दिक्कत होती है और जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए नगरपालिका द्वारा 12/03/2026 से सीसी रोड निर्माण का कार्य शुरू किया गया था, जिसे अब विवादित पक्ष द्वारा तोड़ दिया गया।
राजनीतिक प्रभाव का भी आरोप
वार्डवासियों ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित लोग अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर रहे हैं और पूरे वार्ड का माहौल खराब कर दिया है। लोगों का कहना है कि वे हमेशा डर के माहौल में जीने को मजबूर हैं और आए दिन उन्हें घर से बेदखल करने की धमकियां दी जाती हैं।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग।
शिकायत में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि संबंधित भूमि की निष्पक्ष जांच कराई जाए, पंचनामा और सीमांकन कराया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही दुर्गा मंदिर को सार्वजनिक संपत्ति घोषित कर आम लोगों के अधिकार सुरक्षित किए जाएं। स्थिति बिगड़ी तो जिम्मेदारी तय करने की चेतावनी वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि 17/03/2026 के बाद यदि रेलवे फाटक से पंचगांव रोड के बीच किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मनीष कटारे, रोहित कटारे, रज्जू कटारे एवं कुलदीप कटारे की होगी। निष्कर्ष। शहडोल की पुरानी बस्ती में यह मामला अब केवल जमीन या रास्ते का नहीं, बल्कि आम नागरिकों के अधिकार और सामाजिक सौहार्द का बन गया है। यदि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया, तो यह विवाद और गंभीर रूप ले सकता।



