एमपीआरडीसी एमडी भारत यादव का सख्त रुख: सूखी सेवनिया आरओबी 15 मई तक पूरा करें, अन्य परियोजनाओं को भी समयसीमा में खत्म करने के निर्देश
Junaid Khan - शहडोल। भोपाल एमपीआरडीसी के एमडी श्री भारत यादव ने आज निगम मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में सूखी सेवनिया (भोपाल) रेलवे ओवर ब्रिज, उमरिया–शहडोल सड़क, बरेली ब्रिज, जबलपुर रेलवे ओवर ब्रिज एवं रीवा बायपास के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए इन्हें शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से सूखी सेवनिया आरओबी का निर्माण कार्य 15 मई तक पूरा कर यातायात संचालन प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। साथ ही उमरिया–शहडोल सड़क, बरेली ब्रिज, जबलपुर आरओबी तथा रीवा बायपास के निर्माण कार्यों को सुव्यवस्थित योजना के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। इसके अतिरिक्त, सभी निर्माण कार्यों की दैनिक आधार पर समीक्षा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए, ताकि सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जा सके।
विकास कार्यों में तेजी लाने पर जोर, लापरवाही बर्दाश्त नहीं
बैठक के दौरान एमडी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में चल रही अधोसंरचना परियोजनाएं आम जनता की सुविधा से सीधे जुड़ी हैं, इसलिए इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा दोनों पर विशेष ध्यान दिया जाए। सूत्रों के अनुसार, इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, जाम की समस्या कम होगी और स्थानीय व्यापार व आवागमन को नई गति मिलेगी। खासकर सूखी सेवनिया रेलवे ओवर ब्रिज के चालू होने से भोपाल क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
निगरानी तंत्र होगा मजबूत,
रोजाना प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य एमडी भारत यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं की मॉनिटरिंग को और अधिक सख्त बनाया जाए। प्रत्येक कार्य की दैनिक प्रगति रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाए, ताकि किसी भी प्रकार की देरी या बाधा को समय रहते दूर किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और तकनीकी मानकों का पूर्णत पालन सुनिश्चित किया जाए। कुल मिलाकर, एमपीआरडीसी की इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अब प्रदेश में अधोसंरचना परियोजनाओं को लेकर सरकार और प्रशासन पूरी तरह गंभीर है और समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण कर जनता को राहत देने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
