पं.शंभूनाथ विश्वविद्यालय से संबद्ध होंगे संभाग के सभी नर्सिंग कॉलेज, शिक्षा व्यवस्था में आएगा बड़ा बदलाव
Junaid Khan - शहडोल। संभाग की उच्च शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा और महत्वपूर्ण परिवर्तन होने जा रहा है। अब संभाग के सभी नर्सिंग कॉलेजों का संचालन पं. शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय की देखरेख में किया जाएगा। कॉलेजों की संबद्धता को लेकर प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, जिससे न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा बल्कि छात्रों को भी कई सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार संभाग के लगभग 06 नर्सिंग कॉलेजों की संबद्धता की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसमें अनूपपुर के शासकीय नर्सिंग कॉलेज सहित संभाग के अन्य प्राइवेट कॉलेज भी शामिल हैं। इन सभी कॉलेजों के सत्यापन की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा गठित विशेष टीम को दी गई है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इस कार्य के लिए 05 सदस्यीय टीम का गठन किया है। यह टीम प्रत्येक नर्सिंग कॉलेज के कैंपस, वहां उपलब्ध संसाधन, शिक्षण सुविधाएं, स्टाफ की स्थिति और अन्य आवश्यक मानकों का गहन निरीक्षण करेगी। टीम द्वारा सत्यापन के बाद ही संबंधित कॉलेजों को विश्वविद्यालय से संबद्धता प्रदान की जाएगी।
बताया जा रहा है कि प्रारंभिक चरण में छह कॉलेजों की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से संभाग के सभी नर्सिंग कॉलेजों को इसमें शामिल किया जाएगा। इस निर्णय के बाद अब तक अन्य विश्वविद्यालयों से संबद्ध लगभग 44 शासकीय और निजी महाविद्यालय भी पं. शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय से जुड़ चुके हैं।
कॉलेज प्रबंधन को मिलेगी बड़ी राहत
इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद कॉलेज प्रबंधन को प्रशासनिक स्तर पर काफी राहत मिलेगी। अब उन्हें किसी भी कार्य के लिए दूर-दराज के विश्वविद्यालयों, विशेषकर जबलपुर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। परीक्षा, परिणाम, निरीक्षण और अन्य सभी शैक्षणिक गतिविधियां अब स्थानीय स्तर पर ही संपन्न कराई जाएंगी। छात्रों के लिए भी फायदे ही फायदे। इस बदलाव का सबसे बड़ा लाभ छात्रों को मिलेगा। उन्हें समय पर परीक्षा परिणाम, बेहतर शैक्षणिक निगरानी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही, विश्वविद्यालय की सीधी निगरानी से नर्सिंग शिक्षा के स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। शासन की गाइडलाइन पर शुरू हुई प्रक्रिया। शासन स्तर से जारी गाइडलाइन के अनुसार संभाग के सभी शासकीय एवं निजी नर्सिंग कॉलेजों की संबद्धता की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। विश्वविद्यालय की निगरानी में सभी गतिविधियों का संचालन किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित होंगी। शिक्षा क्षेत्र में नया अध्याय विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय संभाग की नर्सिंग शिक्षा के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इससे न केवल संस्थानों की जवाबदेही बढ़ेगी बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में प्रशिक्षित और कुशल नर्सिंग स्टाफ भी तैयार होगा। कुल मिलाकर, यह पहल संभाग की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
