भाजपा कार्यालय शहडोल में बाबा साहब अंबेडकर पर संगोष्ठी, संविधान और सामाजिक न्याय के मूल्यों पर गूंजे विचार

भाजपा कार्यालय शहडोल में बाबा साहब अंबेडकर पर संगोष्ठी, संविधान और सामाजिक न्याय के मूल्यों पर गूंजे विचार 



Junaid Khan - शहडोल। आज भाजपा कार्यालय शहडोल में भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीम राव अम्बेडकर जी पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष श्रीमती अमिता चपरा ने किया इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह, विधायक जैतपुर श्री जय सिंह मरावी, जिला महामंत्री अमित मिश्रा, पुष्पेंद्र पटेल, महिला मोर्चे की नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती शालिनी सरावगी,OBC मोर्चे के प्रदेश सह कोषाध्यक्ष शक्ति लक्ष्यकार, कार्यक्रम संयोजक श्री सौरव गोले,अनुसूचित जाति मोर्चे के जिला अध्यक्ष श्री कमल खटीक, मुख्य वक्ता श्री अमृत लाल चौधरी व अपेक्षित कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।।

कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ की गई। संगोष्ठी में उपस्थित वक्ताओं ने बाबा साहब के जीवन संघर्ष, उनके द्वारा रचित भारतीय संविधान तथा सामाजिक समरसता के लिए किए गए कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहब ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने का जो सपना देखा था, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है। जिलाध्यक्ष श्रीमती अमिता चपरा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि बाबा साहब अंबेडकर केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं, जिन्होंने देश को समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व का मार्ग दिखाया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे बाबा साहब के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करें। प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक श्रीमती मनीषा सिंह तथा विधायक श्री जय सिंह मरावी ने भी अपने संबोधन में बाबा साहब के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष और शिक्षा के प्रति समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि संविधान के प्रति सम्मान और उसके मूल्यों की रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है। मुख्य वक्ता श्री अमृत लाल चौधरी ने बाबा साहब के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके विचारों को अपनाकर ही एक सशक्त, समतामूलक और विकसित भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने युवाओं को शिक्षा के महत्व को समझने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया। संगोष्ठी के दौरान अन्य वक्ताओं ने भी सामाजिक समरसता, समान अवसर और संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने बाबा साहब के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया और समाज में भाईचारा एवं समानता का संदेश देने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। पूरे आयोजन में अनुशासन, उत्साह और वैचारिक गंभीरता का वातावरण देखने को मिला, जिसने इसे एक सार्थक और प्रेरणादायक संगोष्ठी बना दिया।

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