जनप्रतिनिधियो एवं अधिकारी ने हस्ताक्षर अभियान में निभाई सहभागिता, वितरित किये पोषण किट
Junaid Khan - शहडोल। 14 अप्रैल 2026- भारतीय संविधान के निर्माता भारत रत्न प्राप्त डॉ. भीमराव अंबेडकर जी जयंती के अवसर पर संभागीय मुख्यालय शहडोल के सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में कमिष्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता, कलेक्टर डॉ. केदार सिंह, सदस्य जिला योजना समिति श्रीमती अमिता चपरा सहित अन्य जनप्रतिनिधियो एवं अधिकारियो की उपस्थिति में नारी शक्ति वंदन पखवाडा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नारी शक्ति वंदन पखवाडा के तहत उपस्थित जनप्रतिनिधियो एवं अधिकारियो ने कुपोषण मुक्त करने के उददेष्य से चिहिन्त कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चो को पोषण किट का वितरण किया गया।। साथ ही नारी शक्ति वंदन पखवाडा के अंतर्गत चलाए हस्ताक्षर अभियान में कमिष्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता, कलेक्टर डॉ. केदार सिंह, सदस्य जिला योजना समिति श्रीमती अमिता चपरा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री षिवम प्रजापति, अध्यक्ष जनपद पंचायत श्रीमती हीरावती कोल, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती अमृता गर्ग, सदस्य जनपद पंचायत श्री जगन्नाथ शर्मा, उपायुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री जे.पी. यादव, सहायक आयुक्त जनजातीय श्री आनंद राय सिंहा, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अखिलेष मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारियो ने हस्ताक्षर अभियान में सहभागिता निभाते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम (106 वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2023) भारत में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कानून है। सितंबर 2023 में पारित यह कानून नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर लैंगिक समानता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखता है। नारी शक्ति वंदन पखवाडा में प्रदेष के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेष का वाचन भी किया गया। संदेष में कहा गया है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम (106 वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2023) भारत में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कानून है। सितंबर 2023 में पारित यह कानून नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर लैंगिक समानता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखता है। उक्त के तारतम्य में मैं नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 का समर्थन करता / करती हूं।16 अप्रैल 2026 से देश की संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पूर्ण क्रियान्वयन को लेकर ऐतिहासिक चर्चा होने जा रही है। यह केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक अवसर है जब हमारे लोकतंत्र को और अधिक समावेशी और सशक्त बनाने का एक महायज्ञ किया जा रहा है। इसी पावन उद्देश्य से परिचित करवाने और आप सब को इस महायज्ञ में अपनी आहुति डालने के लिए मैं आप को यह पत्र लिख रहा हूँ। मेरा स्पष्ट मानना है कि समाज की प्रगति तभी संभव है, जब देश और समाज की आधी आबादी को भी महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लेने और देश का नेतृत्व करने के समान अवसर मिले। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में देश की नारी शक्ति का महत्वपूर्ण योगदान है। आज भारत की बेटियां अंतरिक्ष से लेकर खेल के मैदान तक और सेना से लेकर स्टार्ट-अप्स तक अपनी सफलता का परचम लहरा रही हैं। आप सबको ज्ञात ही है कि मध्यप्रदेश राज्य हमेशा से महिला सशक्तिकरण के मामले में देश के लिए एक मॉडल राज्य साबित होता रहा है। हमारी सरकार ने महिलाओं को प्रदेश के विकास का भागीदार माना है। लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजना जैसी योजनाओं ने करोड़ों बहनों और बेटियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है। मध्यप्रदेश देश के उन अग्रणी राज्यों में है, जिसने पुलिस भर्ती से लेकर शिक्षक भर्ती तक अपनी बेटियों को विशेष अवसर प्रदान किए हैं ताकि वे प्रदेश की शासन व्यवस्था का हिस्सा बन सकें। हमने स्व सहायता समूहों से जोड़ कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की कमान भी हमारी बहनों के हाथों में दी है। देश के माननीय प्रधान मंत्रीजी श्री नरेंद्र मोदीजी के नेतृत्व में भारत सरकार का यह प्रयास है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम अपनी पूर्ण भावना के साथ देश में लागू हो और यह उचित होगा कि 2029 का लोकसभा चुनाव और सभी विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण को पूरी तरह से लागू करने के बाद हों। इससे मध्यप्रदेश की सभी लोकतांत्रिक संस्थाओं में भी नई ऊर्जा का संचार होगा। शासन व्यवस्था में महिलाओं की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित होने से जन-विश्वास और अधिक गहरा होगा। मैं आपको यह पत्र इसलिए भी लिख रहा हूँ ताकि हम दलगत राजनीति से ऊपर उठकर, एक स्वर में इस ऐतिहासिक बदलाव का समर्थन करें। यह अवसर किसी व्यक्ति या दल का नहीं, बल्कि हमारी माताओं-बहनों और आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य का है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी इस दिशा में सकारात्मक भूमिका निभाएंगे। आइए, हम मिलकर मध्य प्रदेश की नारी शक्ति के गौरव को और बढ़ाएं और लोकतंत्र की इस महान परंपरा को जीवंत करें।
