राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य योजना से बच्चों को मिल रही नई उम्मीदें और नया जीवन
Junaid Khan - शहडोल। 27 अप्रैल 2026 देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, किसान कल्याण के साथ-साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी निरंतर नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं। शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में निजी अस्पतालों जैसी सुविधाओं का विस्तार कर जिला प्रशासन द्वारा हर जरूरतमंद मरीज को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार, निःशुल्क दवाइयां, जननी सुरक्षा योजना सहित अनेक स्वास्थ्य योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन्हीं में से एक राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम है, जो 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह के मार्गदर्शन में जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के उपचार हेतु निःशुल्क ईको जांच शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में मुंबई से आईं प्रसिद्ध शिशु हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रिय प्रधान एवं जबलपुर से कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अखिलेश दुबे ने समर्पण भाव से 74 बच्चों की जांच की।
जांच के दौरान 25 बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की पहचान की गई, जिनका उपचार आगामी माह में पूर्णतः निःशुल्क किया जाएगा। जिन परिवारों के लिए यह बीमारी कभी असंभव खर्च थी, उनके लिए अब एक नई उम्मीद की किरण जागी है।
शिविर में 16 ऐसे बच्चों का भी चिन्हांकन किया गया, जिनका पूर्व में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत उपचार किया जा चुका है। जांच के दौरान यह देखकर संतोष हुआ कि वे अब पूर्णतः स्वस्थ हैं। यह उन परिवारों के लिए सुकून का पल था, जिन्होंने कभी अपने बच्चों के जीवन को लेकर कठिन समय का सामना किया था। पिछले पांच वर्षों में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत लगभग 70 हृदय रोग से पीड़ित बच्चों का सफल ऑपरेशन कर उन्हें नया जीवन प्रदान किया गया है।
यह पहल न केवल बच्चों के जीवन को सुरक्षित कर रही है, बल्कि उनके परिवारों को भी नई आशा और विश्वास से भर रही है।
