कलेक्टर डॉ. केदार सिंह एवं कमिश्नर सुरभि गुप्ता ने सुनी आमजन की शिकायतें, संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के निर्देश
Junaid Khan - शहडोल। 31 मार्च 2026। जिले में आमजन की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट कार्यालय के सोन सभागार एवं कमिश्नर कार्यालय में साप्ताहिक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं, जिन पर अधिकारियों ने गंभीरता से सुनवाई करते हुए त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने शहडोल जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई के दौरान वार्ड क्रमांक 7 निवासी षिवा जायसवाल ने उनके घर के सामने पिलर खड़ा करने के लिए गड्ढा खोदकर निस्तार बंद करने की शिकायत दर्ज कराई, जिस पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए। ग्राम मिठौरी निवासी सूरज सिंह ने नल-जल योजना के अधूरे कार्य को पूर्ण कराने की मांग रखी, वहीं ग्राम चुनिया निवासी सोभनाथ कोरी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि स्वीकृत कराने का आवेदन प्रस्तुत किया। इसी क्रम में शहडोल निवासी मुन्नी बाई नामदेव ने वृद्धा पेंशन स्वीकृत कराने तथा ग्राम गोड़िनगुड़ा निवासी संतीराम यादव ने वनाधिकार पट्टा दिलाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर ने सभी मामलों में संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई कर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जनसुनवाई में प्राप्त अन्य आवेदनों को भी संबंधित विभागों को प्रेषित कर समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सरोधन सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं कमिश्नर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता ने संभाग के विभिन्न जिलों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में ग्राम सिंहपुर निवासी गयाप्रसाद पाण्डेय ने क्रमोन्नति का लाभ दिलाने, वार्ड क्रमांक 14 बुढार निवासी पुष्पेंद्र कोल ने घर से कब्जा हटाने, ग्राम कोटमा निवासी दीपक तिवारी ने भूमि से अतिक्रमण हटाने तथा ग्राम खोल्हाड़ निवासी विमला रजन ने कैंसर उपचार हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की। इसी प्रकार उमरिया जिले के ग्राम घुनघुटी निवासी उधिया बाई ने अतिक्रमित भूमि वापस दिलाने का आवेदन प्रस्तुत किया। कमिश्नर ने सभी आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को तत्काल जांच कर समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अन्य आवेदकों की समस्याओं को भी प्राथमिकता के आधार पर हल करने पर जोर दिया गया। दोनों ही जनसुनवाई कार्यक्रमों में यह स्पष्ट रूप से देखा गया कि प्रशासन आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर एवं संवेदनशील है। अधिकारियों द्वारा मौके पर ही कई मामलों में निर्देश जारी किए गए, जिससे लोगों को त्वरित राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

