सोहागपुर में शोक की लहर-रिटायर रेंजर एवं समाजसेवी गुफरान खान का इंतकाल,पूरे क्षेत्र में गम का माहौल
Junaid Khan - शहडोल। 07 अप्रैल 2026 शहडोल जिले के सोहागपुर क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। रिटायर रेंजर और जाने-माने समाजसेवी गुफरान खान का 75 वर्ष की उम्र में 07 अप्रैल की रात को आदित्य हॉस्पिटल में इंतकाल हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे सोहागपुर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और हर आंख नम नजर आई। बताया जा रहा है कि गुफरान खान अपने मिलनसार स्वभाव और समाज सेवा के लिए पूरे क्षेत्र में सम्मानित व्यक्तित्व थे। उनका अचानक इस दुनिया से जाना समाज के लिए एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है।
वह समाजसेवी एवं पूर्व पार्षद सूफियान खान के पिता थे तथा मध्य प्रदेश आजीविका मिशन में कार्यरत रिजवान खान के भी पिता थे। इसके साथ ही वह जिला न्यायालय में पदस्थ रहे बड़े बाबू अब्दुल हन्नान खान और भैया जी के बड़े भाई थे। गुफरान खान ने अपने शासकीय सेवा काल में जबलपुर और कोतमा जैसे स्थानों पर लंबे समय तक अपनी सेवाएं दीं और अपने कर्तव्यनिष्ठ व्यवहार से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई। उनके सरल स्वभाव और लोगों से जुड़े रहने की आदत ने उन्हें हर वर्ग में लोकप्रिय बनाया। परिवार की बात करें तो उनकी अहलिया असमा खान वर्तमान में नगर पालिका शहडोल में पार्षद हैं। इसके अलावा वह शिक्षक हाजी जबीउल्लाह खान के बड़े साले साहब भी थे। उनके निधन की खबर से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरा शहर शोकाकुल है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, व्यापारी एवं आम नागरिक लगातार उनके निवास पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। आज नमाज-ए-मगरिब शाम 07 बजे,सोहागपुर कब्रिस्तान (पाली रोड) में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। गुफरान खान का जाना न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनकी सादगी, सेवा भावना और लोगों के प्रति अपनापन हमेशा याद किया जाएगा।
