पेंशनरों के साथ सौतेला व्यवहार बर्दाश्त नहीं,डीए एरियर्स को लेकर फिर मुखर हुआ आक्रोश, जून में मुख्यमंत्री से होगा सीधा संवाद

पेंशनरों के साथ सौतेला व्यवहार बर्दाश्त नहीं,डीए एरियर्स को लेकर फिर मुखर हुआ आक्रोश, जून में मुख्यमंत्री से होगा सीधा संवाद 


Junaid Khan - शहडोल। भोपाल मध्यप्रदेश में पेंशनरों के साथ हो रहे कथित भेदभाव को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद होने लगी है। वरिष्ठ नागरिक पेंशन एसोसिएशन ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए इसे “सौतेला व्यवहार” करार दिया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि लंबित मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की रणनीति अपनाई जाएगी। राम नरेश तिवारी कार्यकारी प्रांताध्याक्ष वरिष्ठ नागरिक पेन्शन एसोसिएशन मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा पेन्शनरस के साथ सौतेला व्यवहार य़ह उजागर करता है प्रदेश की सरकार शासकीय कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के मध्य बहुत बड़ा अन्तर मानती है तभी तो नियमित कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों दिए जाने वाले डी ए भुगतान आदेश मे अन्तर है इसबार फिर नियमित कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों मे अन्तर कर दिया गया पूर्व का 36 माह का एरियर्स नहीं दिया गया सरकार भूल कर रहीं हैं हम सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने निरन्तर 45 वर्षो तक मध्यप्रदेश सरकार की सेवा की है किन्तु अब निर्जीव रूप में सरकार देख रहीं है। इसके बाबजूद भी सरकार ने जो 3 % डीए बढ़ाकर सेवारत कर्मचारियों के बराबर 58 % डी ए का आदेशजारी हुआ इसकेलिए मध्यप्रदेशशासन के माननीय मुख्यमंत्री के प्रति साधुवाद ज्ञापित करते हैं साथ ही अनुरोध करते हैं कि पिछला डीए और वर्तमान मे 6 माह केडीए पेन्शनर को प्रदान करेगे पूरे मध्यप्रदेश के पेंशनर की ओर से वरिष्ठ नागरिक पेन्शन एसोसिएशन मध्यप्रदेश के माननीय प्रांताध्याक्ष एडवोकेट राजकुमार दुबे के नेतृत्व मे माह जून मे पुनः सेवानिवृत्त पेन्शनर की न्यायोचित मांगों के साथ मुख्यमंत्री महोदय जी का दरवाजा खटखटायेगे जो मिला बहुत मिला जो नहीं मिला उसके लिए निरन्तर माग जारी रहेगी। एसोसिएशन ने यह भी स्पष्ट किया कि पेंशनरों की यह लड़ाई केवल आर्थिक लाभ की नहीं, बल्कि सम्मान और अधिकार की लड़ाई है। उनका कहना है कि जिन कर्मचारियों ने अपना पूरा जीवन शासन की सेवा में समर्पित किया, उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद उपेक्षित करना न्यायसंगत नहीं है। वरिष्ठ नागरिक पेंशन एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 36 माह के एरियर्स और लंबित डीए का भुगतान नहीं किया गया, तो प्रदेशभर के पेंशनर एकजुट होकर व्यापक स्तर पर आंदोलन करेंगे। जून माह में प्रस्तावित मुख्यमंत्री से मुलाकात को लेकर तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। पेंशनरों की इस मांग ने एक बार फिर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में हलचल पैदा कर दी है, और आने वाले समय में इस मुद्दे पर सरकार के रुख पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

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