खनिज के अवैध परिवहन पर शिकंजा: जिले में शुरू हुए ई-चेक गेट, अब हर गाड़ी पर रहेगी ऑनलाइन नजर

ओवरलोडिंग, फर्जी नंबर प्लेट और बिना अनुमति परिवहन पर तत्काल कार्रवाई; RFID, ANPR कैमरों से होगी निगरानी 


Junaid Khan - शहडोल। जिले में खनिज संपदा के अवैध परिवहन पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने हाईटेक कदम उठाते हुए ई-चेक गेट व्यवस्था लागू कर दी है। अब खनिज से भरे वाहनों की निगरानी पूरी तरह ऑनलाइन होगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत वाहनों की हर गतिविधि डिजिटल रूप से ट्रैक की जाएगी, जिससे अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा। कैसे काम करेगा ई-चेक गेट सिस्टम ई-चेक गेट पर अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। यहां ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे, सीसीटीवी कैमरे और RFID रीडर लगाए गए हैं। जैसे ही कोई वाहन चेक गेट से गुजरेगा, उसकी नंबर प्लेट, खनिज का प्रकार, मात्रा और वजन स्वतः सिस्टम में दर्ज हो जाएगा। यदि सिस्टम में दर्ज जानकारी और वास्तविक डेटा में अंतर पाया जाता है, तो संबंधित वाहन मालिक पर तुरंत ऑनलाइन कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही वाहन का पंजीयन निरस्त करने या ब्लैकलिस्ट करने जैसी सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है। ओवरलोडिंग और फर्जीवाड़े पर लगेगा ब्रेक। नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि ओवरलोडिंग,फर्जी नंबर प्लेट और बिना परमिट के परिवहन जैसे मामलों पर तुरंत रोक लगेगी। अब तक कई बार चेकिंग से बचकर निकलने वाले वाहन इस डिजिटल निगरानी से बच नहीं पाएंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे न सिर्फ राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि सड़क सुरक्षा भी बेहतर होगी और खनिज संसाधनों की लूट पर भी अंकुश लगेगा। मानव हस्तक्षेप होगा खत्म, पारदर्शिता बढ़ेगी ई-चेक गेट पूरी तरह से ऑटोमेटेड सिस्टम पर आधारित है, जिससे मानव हस्तक्षेप लगभग समाप्त हो जाएगा। इससे भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी। खनिज विभाग के अधिकारियों के अनुसार,अब हर वाहन की रीयल टाइम मॉनिटरिंग होगी और डेटा सीधे सर्वर पर अपलोड होगा, जिससे किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की संभावना नहीं रहेगी। जिले में कई स्थानों पर शुरू हुए ई-चेक गेट। जिले में प्रमुख मार्गों पर ई-चेक गेट स्थापित किए गए हैं, जिनमें ब्योहारी और सोहागपुर क्षेत्र प्रमुख हैं। इन चेक गेट्स का संचालन शुरू कर दिया गया है और 16 अप्रैल से इनकी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में और भी स्थानों पर ऐसे चेक गेट स्थापित किए जाएंगे, जिससे पूरे जिले को डिजिटल निगरानी के दायरे में लाया जा सके। प्रदेश स्तर पर भी हो रहा विस्तार। प्रदेश में अवैध खनिज परिवहन को रोकने के लिए बड़े स्तर पर यह योजना लागू की जा रही है। जानकारी के अनुसार, कई जिलों में पहले ही ई-चेक गेट स्थापित किए जा चुके हैं और आने वाले समय में इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। यह व्यवस्था मध्यप्रदेश खनिज नियम 2022 में संशोधन के बाद लागू की गई है, जिसका उद्देश्य खनिज परिवहन को पूरी तरह डिजिटल और नियंत्रित बनाना है। अधिकारियों का कहना सहायक खनिज अधिकारी के अनुसार,ई-चेक गेट सिस्टम से अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी रोक लगेगी। यह व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल है, जिससे हर वाहन की सटीक निगरानी संभव होगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। निष्कर्ष ई-चेक गेट व्यवस्था खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता और नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम है। इससे न केवल अवैध गतिविधियों पर लगाम लगेगी, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था भी मजबूत होगी और राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा।

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