रेत माफियाओं के हौसले बुलंद: खनिज निरीक्षक को दी धमकी, कार्यालय में घुसकर किया हंगामा, कानून-व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

रेत माफियाओं के हौसले बुलंद: खनिज निरीक्षक को दी धमकी, कार्यालय में घुसकर किया हंगामा, कानून-व्यवस्था पर फिर उठे सवाल 


Junaid Khan - शहडोल। शहडोल जिले में रेत का ठेका न होने का सीधा असर अब कानून-व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। नदियों का सीना छलनी कर अवैध रेत उत्खनन और परिवहन करने वाले कथित माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब वे कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को ही निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला जिला खनिज कार्यालय से सामने आया है, जहां कुछ लोगों ने घुसकर खनिज निरीक्षक के साथ गाली-गलौज करते हुए धमकी दी और जमकर हंगामा किया। यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक तंत्र की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, बल्कि जिले में बढ़ते माफिया राज की ओर भी इशारा करती है। जानकारी के मुताबिक, खनिज विभाग में पदस्थ खनिज निरीक्षक समय लाल गुप्ता ने सोहागपुर तहसील अंतर्गत ग्राम विचारपुर में अवैध रेत परिवहन करते एक मेटाडोर वाहन को पकड़कर कार्रवाई की थी। जब्त वाहन को सिंहपुर थाने में पुलिस अभिरक्षा में खड़ा कराया गया। इसी कार्रवाई से नाराज होकर रेत कारोबार से जुड़े कुछ युवक खनिज कार्यालय पहुंच गए। कार्यालय में घुसते ही आरोपियों ने खनिज निरीक्षक के साथ अभद्र व्यवहार किया। गाली-गलौज की और धमकी दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ समय के लिए कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था और कर्मचारी दहशत में आ गए थे। 

निरीक्षक पर पैसे मांगने का आरोप, वीडियो भी बनाया 

इतना ही नहीं, उन्होंने पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया और निरीक्षक पर 50 से 60 हजार रुपए मांगने का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। आरोपियों का कहना था कि जिस मेटाडोर पर कार्रवाई की गई है, उसके पास वैध दस्तावेज मौजूद थे। मामले की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए हंगामा शांत कराया।

पुलिस की मौजूदगी के बाद मामला किसी तरह शांत हुआ 

हालांकि इस घटना ने एक बार फिर जिले में कानून-व्यवस्था और अधिकारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर माफियाओं को इतना दुस्साहस कहां से मिल रहा है।

पहले भी सामने आ चुके हैं सनसनीखेज मामले

गौरतलब है कि शहडोल जिले में रेत माफियाओं का आतंक पहले भी सामने आ चुका है। अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने गए एक पटवारी और एक एएसआई को माफियाओं ने वाहन से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद से लगातार तहसीलदार, खनिज और वन विभाग के अधिकारियों पर हमलों की घटनाएं सामने आती रही हैं। इन घटनाओं ने पूरे प्रदेश में चिंता पैदा की थी, लेकिन इसके बावजूद माफियाओं के हौसलों में कोई कमी नजर नहीं आ रही है।

माफियाओं का बढ़ता नेटवर्क

प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती शहडोल में अवैध रेत कारोबार अब सिर्फ नदियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को ही खुलेआम धमकाया जा रहा है। लगातार हो रहे हमले यह साफ इशारा कर रहे हैं कि रेत माफिया अब संगठित और बेखौफ हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार में बड़े नेटवर्क के साथ स्थानीय स्तर पर भी कई लोग जुड़े हुए हैं, जिससे कार्रवाई करना और भी चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। ऐसे में जरूरत है सख्त कार्रवाई और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की, ताकि कानून का खौफ कायम रह सके। 

खनिज अधिकारी बोले- पैसे मांगने का आरोप निराधार

इस पूरे मामले में जिला खनिज अधिकारी राहुल शांडिल्य ने बताया कि खनिज निरीक्षक द्वारा अवैध रेत के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई थी। इसी से नाराज होकर कुछ लोग कार्यालय पहुंचकर अभद्रता करने लगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पैसे मांगने का आरोप पूरी तरह निराधार है। घटना के बाद संबंधित युवकों ने माफी भी मांग ली है और मामले की शिकायत की जा रही है।

प्रशासन के सामने बड़ा सवाल 

घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर कब तक अधिकारी ऐसे ही असुरक्षित माहौल में काम करते रहेंगे। क्या प्रशासन माफियाओं पर नकेल कसने के लिए कोई ठोस रणनीति बनाएगा, या फिर ऐसी घटनाएं यूं ही दोहराई जाती रहेंगी? जिले की जनता भी अब सख्त कार्रवाई और पारदर्शिता की मांग कर रही है, ताकि अवैध खनन पर लगाम लग सके और कानून-व्यवस्था बहाल रह सके।

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